यूपी में भारी बारिश से धान और सब्जी के खेत डूबे, योगी ने फसल नुकसान की रिपोर्ट मांगी, किसानों को मुआवजा देगी सरकार

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
यूपी के कई जिलों में सोमवार को हुई भारी बारिश से धान की फसल और सब्‍जी के खेत डूब गए। सबसे ज्‍यादा बारिश और नुकसान की खबर मुरादाबाद से है। इस बीच सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट तलब की है। सरकार ने किसानों को मुआवजे का ऐलान किया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के अधिकारियों को बारिश के मद्देनजर तत्‍काल राहत पहुंचाने का निर्देश दिया है। उन्होंने प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द मुआवजा वितरित करने का निर्देश दिया। सीएम ने उनसे यह भी कहा कि जलजमाव की स्थिति में पानी छोड़ने की प्रभावी व्यवस्था की जाये और नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जाये. फसलों के नुकसान का आकलन कर शासन को रिपोर्ट दी जाए और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए।

बता दें बारिश के चलते प्रदेश के 22 जिलों में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार यदि इस मानसून में ही देखा जाए तो बारिश तो अच्छी हुई है लेकिन जरूरत के हिसाब से नहीं हुई। धान की खेती के लिए पहले पानी नहीं बरसा। बरसा तो नर्सरी निकालना मुश्किल हो गया। फिर सूखे जैसी स्थिति आ गई। बरसा तो खेत डूब गए। यही हाल रबी में हुआ जिससे गेहूं की फसल पर असर पड़ा।

मुरादाबाद में तीन दिनों की भारी बारिश के बाद धान और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं और खेतों में पानी भर गया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने क्षतिग्रस्त खेतों का दौरा कर स्थिति के सर्वेक्षण के आदेश दिये हैं। बरेली में भी पिछले तीन दिन से जिले में तेज हवा के साथ हो रही बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल और सब्जियों को नुकसान हुआ है। धान की खड़ी फसलें तेज हवा के चलते खेत में लेट गई हैं। इससे किसान अपनी गाढ़ी कमाई को बर्बाद होता देख परेशान हैं। किसानों का कहना है कि बारिश के साथ तेज हवा से खेत में तैयार धान की खड़ी फसल खेत में गिर गई। खड़ी फसल के खेत मे गिरने से काफी नुकसान हुआ है। बारिश के बाद किसानों ने खेतों में जाकर जायजा लिया तो कहीं-कहीं बहुत ज्यादा नुकसान नजर आया। खेतों में पानी भरे होने से अंकुरण का डर है। धान की बाली टूटने का भी खतरा है। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि बारिश के बाद फसल में रोग लग सकती है। ऐसे में किसान कार्बेंडाजिम एवं प्रॉपिकॉनाजोल दोनों 400 ग्राम, 200 लीटर पानी यानी दो ग्राम लीटर की दर से छिड़काव करें।

लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, कानपुर, बहराइच और उन्नाव समेत करीब 22 जिलों में रविवार देर रात से शुरू हुई बारिश के कहर से प्रदेश में 27 लोगों की मौत हो गई। कई मकान गिर गए। बिजली व्यवस्था भी ठप हो गई। रविवार की रात तो लखनऊ में ऐसी बरसात हुई और बिजली कड़की जैसे बादल ही फट गए हों। रविवार की रात 10 बजे शुरू हुई बरसात सोमवार की भोर तक होती रही। रात में तो पांच घंटे मूसलाधार बरसात हुई। मौसम विभाग ने अमौसी स्थित केंद्र पर सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 109.3 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। इस मानसून की यह सबसे अधिक वर्षा है।

सितम्बर में पिछले 12 वर्षों में यह दूसरा मौका है जब सितम्बर में किसी एक दिन इतनी बरसात हुई। इससे पहले पिछले साल 16 सितम्बर को 160.3 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई थी। वैसे सितम्बर में अब तक किसी एक दिन सर्वाधिक 177.4 वर्षा का रिकार्ड दर्ज है। यह 14 सितम्बर 1985 को दर्ज की गई थी। दो दिनों से हो रही बदली और बरसात से तापमान में सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है। सोमवार को दिन का तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रात का तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी 96 फीसदी के आसपास बनी रही।

तीन दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम विभाग बता रहा है कि दो-तीन दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। उसके बाद मौसम बदलेगा। मंगलवार से 15 सितम्बर तक बदली रहेगी। एक-दो चरणों में बरसात होगी। इसके बाद बादलों की आवाजाही तो हो सकती है पर बरसात की संभावना कम है।

 

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