नई दिल्ली
संसद के विशेष सत्र से एक दिन पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला लिया है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि सरकार सत्र से एक दिन पहले ही एजेंडा जारी कर सकती है। इधर, विपक्ष लगातार सरकार पर संसद की पांच दिवसीय कार्यवाही शुरू होने से पहले एजेंडा जारी नहीं करने पर सवाल उठा रहा है।
खबर है कि केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी ने 17 सितंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। हालांकि, अभी इसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। अटकलें हैं कि सरकार इस सत्र के दौरान 'एक देश एक चुनाव', महिला आरक्षण, संविधान संशोधन समेत कई बड़े बिल पेश कर सकती है। फिलहाल, सरकार की तरफ से इसे लेकर जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कांग्रेस ने फिर पूछा सवाल
कांग्रेस ने संसद के विशेष सत्र के लिए एजेंडे की सूचना नहीं होने को लेकर बुधवार को एक बार फिर सवाल उठाया और कहा कि सत्र आरंभ होने में केवल पांच दिन शेष है, लेकिन शायद 'एक व्यक्ति' को छोड़कर एजेंडे के बारे में किसी के पास जानकारी नहीं है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अतीत में हुई संसद की कुछ विशेष बैठकों का उल्लेख भी किया और कहा कि विशेष बैठकों से पहले कार्यसूची की जानकारी उपलब्ध होती थी।
उन्होंने किसी का नाम लिए बिना 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'आज 13 सितंबर है। संसद का पांच दिवसीय विशेष सत्र पांच दिन बाद शुरू होगा और एक व्यक्ति (शायद दूसरे को भी) को छोड़कर किसी को भी एजेंडे की जानकारी नहीं है। पिछले प्रत्येक अवसर पर जब भी विशेष सत्र या विशेष बैठकें आयोजित की जाती थीं, तो कार्यसूची के बारे में पहले से जानकारी होती थी।'
इससे पहले कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और रायबरेली सांसद सोनिया गांधी की तरफ से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा गया था। उस दौरान उन्होंने अडानी मामले पर जेपीसी जांच, बढ़ती कीमतें, रोजगार संबंधी करीब 9 मुद्दे उठाए थे। उन्होंने सरकार से मणिपुर मुद्दे पर भी संसद में चर्चा करने की मांग उठाई थी।
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