सागर
डॉ हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में चीफ वार्डन द्वारा छात्रावास में गणेश प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति नहीं देने से छात्र संगठन समेत कुछ हिंदू संगठन भड़क उठे हैं। शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और विश्व हिंदू परिषद के सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ता एकत्रित हुए और विश्वविद्यालय प्रबंधन के इस निर्णय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने चीफ वार्डन डॉक्टर राजेश गौतम का पुतला भी जलाया। प्रदर्शनकारी अभी भी विश्वविद्यालय में डटे हुए हैं।
इसलिए भड़का विवाद
दरअसल, विगत सोमवार की शाम विद्यार्थी गणेश प्रतिमा लेकर छात्रावास पहुंचे थे, जहां चीफ वार्डन ने उन्हें छात्रावास में प्रवेश ही नहीं करने दिया। इसके बाद छात्र गणेश प्रतिमा को छात्रावास के बाहर ही रखकर रातभर वहीं सोते रहे। बुधवार को मायूस छात्रों ने हास्टल के बाहर ही गणेश प्रतिमा को रखकर उसकी स्थापना कराई। छात्रावासियों का कहना था कि टैगोर छात्रावास, विवेकानंद छात्रावास, रमन छात्रावास, सहित सभी छात्रावासियों ने टैगोर हास्टल में गणेश उत्सव मनाने का निर्णय लिया था।
इसके लिए उन्होंने अपने स्तर से तैयारी करके अपने-अपने छात्रावास के वार्डन से गणेश उत्सव की सैद्धांतिक अनुमति ली थी। इसके बाद सोमवार की शाम को जब वह शहर से गणेश प्रतिमा लेकर टैगोर छात्रावास पहुंचे तो चीफ वार्डन डा. राजेश गौतम ने उन्हें छात्रावास में प्रतिमा रखने से मना कर दिया। हास्टल में रहने वाले विद्यार्थियों का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने चीफ वार्डन डा. राजेश गौतम से भी बात की। उन्होंने कहा कि कुलपति द्वारा पिछले दिनों विश्वविद्यालय में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया था। इसी के चलते छात्रावास में गणेश उत्सव नहीं मानने दिया जाएगा।
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