इंफाल
मणिपुर में विरोध प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को एक विशेष अदालत ने उन पांच आरोपितों को जमानत दे दी है, जिन्हें पुलिस ने हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पांचों को पुलिस जांच में सहयोग करना होगा। जब भी जरूरत पड़ेगी, वे जांच अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत होंगे और किसी भी तरह गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगे।
कोर्ट ने कहा है कि बिना पूर्व सूचना के वे राज्य से बाहर नहीं जाएंगे। पुलिस ने सुनवाई के दौरान आरोपितों के रिमांड का प्रयास किया, लेकिन कोर्ट ने इससे यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि गिरफ्तारी से पहले किसी भी अभियुक्त ने नुकसान पहुंचाने वाला कदम नहीं उठाया था। सुनवाई के दौरान कर्फ्यू की अवहेलना करते हुए बड़ी संख्या में महिलाएं कोर्ट परिसर के सामने बैठ गईं। पांचों को छोड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच गुरुवार को कई स्थानों पर झड़प हुई थी। हालात बिगड़ता देख कफ्र्यू लगा दिया गया था।
मणिपुर सरकार ने लोगों से कहा, 15 दिनों के भीतर अवैध हथियार सरेंडर करें
मणिपुर सरकार ने लोगों से 15 दिनों के भीतर अवैध हथियार सरेंडर करने को कहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से शुक्रवार को कहा गया है कि मणिपुर सरकार ने राज्य के लोगों से कहा है कि 15 दिनों के भीतर अवैध हथियार सरेंडर करें या सुरक्षा बलों के व्यापक तलाशी अभियान और सख्त कार्रवाई का सामना करने को तैयार रहें।
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