रायपुर
कांग्रेस ने अनुशासन तोडने वालों पर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है,पार्षद नागभूषण राव ने एक नोटिस का जवाब अनुशासन समिति को भेजा तो दूसरी नोटिस उन्हे तामिल कर दी गई। जिसमें कुछ अन्य कारण बताये गए हैं, यदि अनुशासन समिति पार्षद राव के जवाब से संतुष्ट नहीं होती है तो पार्टी कार्रवाई भी कर सकती है। संभव है एक चेतावनी नोटिस के साथ खेद प्रकट भी करवाया जा सकता है इसलिए कि तीन बार के पार्षद हैं और रायपुर ग्रामीण सीट पर कहीं न कहीं चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। बता दें कि राव को प्रदेश के वरिष्ठतम विधायक सत्यनारायण शर्मा के खिलाफ बयानबाजी के लिए पहली नोटिस दी गई थी। राव ने उसका जवाब दे दिया है।
वहीं दूसरी ओर युकां अध्यक्ष ग्रामीण सजल चंद्राकर (आरंग) को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। ये कार्रवाई उसके दो आडियो वायरल होने के बाद हुई है। इस आडियो में एक युवक ने उन पर कुछ टिप्पणी कर दी। इससे से वह (सजल चंद्राकर) इतना नाराज हो गया कि उसने युवक के साथ जमकर गाली-गलौच की। इसके बाद अपनी हदें पार करते हुए उक्त युवक के धर्म के खिलाफ भी गाली-गलौच की इस कथित वायरल आडियो में एक धर्म और एक समाज वर्ग के धर्म गुरू को लेकर आपत्तिजनक और अश्लील बातें कहता युवक सुना जा सकता है, इस आडियो वायरल होने के बाद सजल चंद्राकर के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है।
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