खपुरा/बरबीघा
प्रदेश के भवन निर्माण मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने उनके बरबीघा व जमुई दौरों व दखलअंदाजी पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कथित नाराजगी पर कहा कि ललन बाबू बड़े भाई हैं, उनका आदेश सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि यह उनके पिता की कर्मभूमि है। आज वह जो कुछ भी हैं, बरबीघा के लोगों के आशीर्वाद से हैं। जब तक वह बांस घाट नहीं जाते, तब तक बरबीघा के लोगों के लिए लड़ते रहेंगे। उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है।
दामाद को चुनाव लड़ाने की बात को किया सिरे से खारिज
दामाद को यहां से चुनाव लड़ाने की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके दामाद किशोर कुणाल के बेटे हैं, जिनकी पहचान हमसे दस गुना अधिक है। कहा कि जब कभी दुखी होते हैं, बरबीघा आ जाते हैं। इस क्षेत्र से उन्हें पिता का प्रेम मिलता है। राजद के राज्यसभा सदस्य मनोज झा की ठाकुर का कुआं शीर्षक कविता पर शुरू विवाद को लेकर मंत्री ने कहा कि किसी भी जाति, धर्म को लेकर किसी को कुछ बोलने से बचना चाहिए।
अशोक चौधरी थे शेखपुरा व बरबीघा के दौरे पर
अशोक चौधरी शुक्रवार को विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास को लेकर शेखपुरा व बरबीघा के दौरे पर थे। शेखपुरा में उन्होंने महाभारत काल से जुड़े गिरिहिंडा पहाड़ पर स्थित कामेश्वर नाथ शिव मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद कहा कि यहां का विशाल शिवलिंग उज्जैन स्थित महाकाल जैसा भव्य है। इसके विकास के लिए राज्य के पर्यटन सचिव को डीपीआर बनाने का निर्देश दिया गया है।
मंत्री ने नसीबचक से अम्माबीघा सड़क का उद्घाटन किया। इसके बाद जयरामपुर मोड़ से गोशाला सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने ने लाला बाबू चौक पर बरबीघा के दधीचि कहे जाने वाले श्रीकृष्ण मोहन प्यारे सिंह उर्फ लाला बाबू की प्रतिमा स्थापना को लेकर शिलान्यास किया।
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