कैलाश विजयवर्गीय को मैं एक लाख वोट से हराऊंगा: संजय शुक्ला

राजनीती

इंदौर

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार के बीच कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला का बड़ा बयान आया है. उन्होंने 2 अक्टूबर को इंदौर में बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव और चुनाव के उम्मीदवार कैलाश विजयवर्गीय पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कैलाश विजयवर्गीय मुझे हलुआ नेता समझते हैं. इसलिए मेरे सामने चुनाव लड़ने आए हैं. वे हेलीकॉप्टर नेता हैं. जनता हेलीकॉप्टर की तरह ही उड़ा देगी. मैं इस देश के नंबर वन नेता कैलाश को 1 लाख वोट से हराऊंगा चुनाव. बता दें, इंदौर की विधानसभा नंबर 1 से शुक्ला और विजयवर्गीय आमने-सामने हैं. यह सीट प्रदेश की हॉट सीटों में से एक है.

बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गी के लिए विधानसभा क्षेत्र नंबर-1 जीतना इतना आसान नहीं होगा. क्योंकि, पिछले 10 सालों से प्रदेश की राजनीति से कैलाश विजयवर्गी दूर हैं. दूसरी तरफ, वर्तमान में कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला विधायक है. वे ब्राह्मण समाज से आते हैं. ब्राह्मण वोट की विधानसभा क्षेत्र नंबर-1में बड़ी भूमिका है. माना जा रहा ह कि जातीय समीकरण साधना भी विजयवर्गी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगी. हालांकि, बीजेपी की दूसरी सूची में उनका नाम आते ही वे विधानसभा-1में सक्रिय हो गए हैं. वे लगातार अलग-अलग वार्डों में भूमि पूजन और लोकार्पण के कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं. वे लगातार कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं.

चुनाव मैं नहीं कार्यकर्ता लड़ रहे हैं- विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय कह चुके हैं यह चुनाव मैं नहीं यहां के कार्यकर्ता लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह एक लाख वोट से मुझे जिताएंगे. उन्हें पार्टी ने कई जिम्मेदारियां दे रखी हैं. उन्हें मध्य प्रदेश की करीब 90 सीटों पर दौरा करना है. कैलाश ने कार्यकर्ताओं को कहा था कि मेरी भूमिका पिछले 10 साल से केंद्र में है. मैं चुनाव लड़ाने के काम करता हूं, चुनाव लड़ने का नहीं. लेकिन, पार्टी ने जिम्मेदारी दी है. पार्टी का सिपाही हूं तो पार्टी के आदेश का पालन करूंगा. लेकिन, अब गली मोहल्ले वोट मांगने की आदत नहीं है. अब तो हम बड़े नेता हो गए हैं.

बीजेपी की लिस्ट ने चौंकाया
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की दूसरी सूची ने सबको चौंका दिया है. केंद्रीय मंत्री, सांसदों और चुनाव की राजनीति से दूर नेताओं सबको पार्टी ने चुनाव मैदान में उतार दिया है. इनमें एक नाम पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय का भी है. टिकट मिलने पर वो हैरत में भी हैं और एक पिता के नाते मन में पहले कुछ हिचकिचाहट भी थी. चिंता ये कि कहीं उनकी वजह से बेटे आकाश का राजनीतिक अहित न हो जाए. लेकिन पार्टी का आदेश इस सबसे ऊपर. इसलिए कैलाश विजयवर्गीय पार्टी के सिपाही के तौर पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry