भोपाल
मध्यप्रदेश गौ-संवर्धन बोर्ड कार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानन्द गिरि ने बताया कि गौशालों में संरक्षित गौवंश के भरण-पोषण के लिए द्वितीय त्रैमास की 52 करोड़ रूपये की राशि जिला समितियों को जारी कर दी गई है। उन्होंने किसानों से नरवाई न जलाने की अपील करते हुए कहा कि प्राय: देखा गया है कि हरवेस्टर से खेतों में कटाई करने के बाद शेष नरवाई जला दी जाती है। इससे नुकसान ही नुकसान है। पर्यावरण प्रदूषण के साथ भूमि की उर्वरकता में कमी आती है और गौवंश के लिए चारा-भूसा काफी मंहगी दरों पर मिलता है। चारा-भूसा की पार्याप्त उपलब्धता के लिए गौसंवर्धन बोर्ड और कृषि अभियींत्रिकी विभाग ने गौशालाओं की मांग के अनुसार 62 गौशालाओं को भूसा निर्माण के लिए स्ट्रीपर खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी गई है।
स्वामी अखिलेश्वरानन्द गिरि ने बताया कि गोबरधन योजना में चयनित 7 गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट की स्थापना की जा रही है। देवास जिले के उप जेल ग्राम राजौदा, सतना जिले की रामसुनाम गौवंश सेवाधाम और दमोह जिले का जरारूधाम गौ अभ्यारणय में निर्मित संयंत्र सफलता पूर्व कार्य कर रहे है। गोबर गैस से प्राप्त बायोगैस का उपयोग गैस ईधन के रूप में रसोई में और शेष ऊर्जा का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जा रहा है। संयंत्र से प्राप्त स्लरी का उपयोग वर्मीकम्पोट और जैविक खाद निर्माण में किया जा रहा है।
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