काबुल
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सभी अवैध प्रवासियों को देश खाली करने का आदेश दिया है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान ने इसे अस्वीकार्य बताया है।रिपोर्ट के मुताबिक तालिवानी प्रशासन के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा, "पाकिस्तान की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के लिए अफगानियों पर दोष नहीं मड़ा जा सकता है। "काबुल में तालिबान प्रशासन के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, अफगान शरणार्थियों के प्रति पाकिस्तान का ऐसा बर्ताव स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है।"
दरअसल, पाकिस्तान ने हाल के दिनों में देश में हुए आत्मघाती हमलों में अफगानिस्तान के प्रवासियों के शामिल होने का आरोप लगाया है। पाकिस्तानी आंतरिक मंत्री सरफराज बुगती ने दावा किया कि इस साल पाकिस्तान में 24 आत्मघाती बम धमाके हुए। इसमें से 14 को अफगान नागरिकों ने अंजाम दिया था। तालिबान के प्रवक्ता ने इस दावे को खारिज कर दिया। मुजाहिद ने कहा, "पाकिस्तानी पक्ष को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। अफगान शरणार्थी पाकिस्तान की सुरक्षा समस्याओं के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। जब तक कि वे अपनी मर्जी से पाकिस्तान नहीं छोड़ देते, तब तक इस पड़ोसी देश को उन्हें बर्दाश्त करना चाहिए।"
अवैध अप्रवासियों के लिए देश छोड़ने की डेडलाइन तय
बता दें कि पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार ने हजारों अवैध अप्रवासियों के लिए देश छोड़ने या निर्वासन का सामना करने की समय सीमा 1 नवम्बर तय की है। गृह मंत्री बुगती ने मंगलवार को कहा था कि सरकार ने आतंकवाद और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकड़ की अध्यक्षता में शीर्ष समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और अन्य ने भाग लिया।
गोलीबारी में 2 बच्चों की मौत
क्वेटा में पाकिस्तानी सेना ने कहा कि बुधवार को पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार से एक तालिबान गार्ड ने नागरिकों पर गोलीबारी की जिसमें 12 वर्षीय लड़के सहित 2 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में चमन सीमा पर गोलीबारी में एक और बच्चा घायल हो गया। सेना ने एक बयान में कहा कि गोलीबारी में और अधिक नुकसान से बचने के लिए पाकिस्तानी सैनिकों ने अत्यधिक संयम बरता।
'बिना पासपोर्ट या वीजा के पाकिस्तान में नहीं देंगे एंट्री'
सरफराज बुगती ने कहा, "पहला फैसला उन अप्रवासियों के बारे में है जो अवैध तरीकों से पाकिस्तान में रह रहे हैं। हमने उन्हें स्वेच्छा से उनके देश लौटने के लिए 1 नवंबर तक की समय सीमा दी है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो राज्य और प्रांतों की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियां उन्हें निर्वासित कर देंगी।"
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