नई दिल्ली
यूट्यूब और टेलीग्राम ने शनिवार को आइटी मंत्रालय के बाल यौन शोषण सामग्री को लेकर भेजे गए नोटिस का जवाब दिया है। इसमें कहा गया है कि बाल यौन शोषण सामग्री को लेकर उनकी जीरो टालरेंस नीति है।
यूट्यूब के एक प्रवक्ता ने कहा कि नाबालिगों को खतरे में डालने वाली कोई भी सामग्री उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने का कि हमने आनलाइन बाल यौन शोषण को रोकने के लिए प्रौद्योगिकी और टीमों पर भारी निवेश किया है। जितनी जल्दी हो सके इसे हटाने के लिए कदम उठाए जाते हैं।
2023 की दूसरी तिमाही में हमने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी नीतियों के उल्लंघन के लिए 94,000 से अधिक चैनल और 25 लाख से अधिक वीडियो हटा दिए हैं। हम नाबालिगों और परिवारों को सर्वोत्तम सुरक्षा देने के लिए विशेषज्ञों के साथ काम करना जारी रखेंगे।
गूगल के स्वामित्व वाले प्लेटफार्म के अनुसार, उसके पास बाल यौन शोषण से सफलतापूर्वक लड़ने का एक मजबूत रिकार्ड है। प्रवक्ता ने कहा कि यूट्यूब लाइव सुविधाओं को भी प्रतिबंधित करता है। वह नाबालिगों या बच्चों के लिए बने कंटेंट के रूप में वीडियो को वर्गीकृत कर इसे सीमित करते हैं।
वहीं, टेलीग्राम ने कहा कि बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए विशेष टीम है। टेलीग्राम ने छह अक्टूबर को बाल शोषण से संबंधित 2,114 समूहों, चैनलों पर प्रतिबंध लगाया है।
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