भोपाल
भोपाल के वन विहार में तीन जिराफ और पांच जेब्रा लाने के लिए टाइगर फाउंडेशन सोसायटी की बैठक में वन अधिकारियों ने प्रस्ताव रखा। प्रोजेक्ट में करीब 4 करोड़ रु पए खर्च होंगे। अधिकारियों ने कहा कि सोसायटी के जरिए इतनी बड़ी राशि की व्यवस्था नहीं की जा सकती। इसलिए जिला माइनिंग फंड के जरिए इस राशि की व्यवस्था की जा सकती है। अब इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा रहा है।
रहेगी पारदर्शिता
टाइगर फाउंडेशन सोसायटी में दानदाताओं के फंड से राशि मिलती है। सीएसआर फंड देने वाली संस्थाओं का भोपाल और इंदौर में एक कॉन्क्लेव भी किया जा सकता है, ताकि रािश का इंतजाम हो जाये। इस दान राशि में पारदर्शिता रहे, इसके लिए दान की पूरी राशि का ब्योरा सोसायटी के पोर्टल पर अपलोड होगा। इससे दानदाताओं को भी पता होगा कि उनका पैसा किस प्रोजेक्ट पर खर्च हो रहा है।
फंड की व्यवस्था न होने से प्रस्ताव लटका
वन विहार प्रबंधन ने करीब एक साल पहले इसे लेकर जू अथॉरिटी आॅफ इंडिया को प्रस्ताव भेजा था। वहां से इसे मंजूरी मिल गई थी। हालांकि, फंड की व्यवस्था ना होने से प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ रहा। वन विहार के अधिकारियों ने बताया कि यूरोप या मध्य-पूर्व देशों से दोनों वन्यप्राणयिों को लाने की तैयारी है। इन दोनों प्राणियों को खरीदा नहीं जा सकता। फंड की व्यवस्था होने पर ऐसी संस्था को खोजा जाएगा जो इन्हें दान दे सके। एक्सचेंज पर भी विचार किया जा सकता है।
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