चीन
चीन में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार का मुद्दा एक बार फिर तूल पकड़ रहा है। खबर है कि संयुक्त राष्ट्र में 51 देशों ने चीन के खिलाफ जारी साझा बयान पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, इन देशों की सूची में भारत का नाम शामिल नहीं है। बीते साल आई यूएन की एक रिपोर्ट में भी शिनजियांग क्षेत्र में उइगर मुसलमानों को निशाना बनाए जाने की बात का जिक्र किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, साझा बयान पर अल्बानिया, एंडोरा, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, कनाडा, क्रोएशिया, चेकिया, डेनार्क, एस्टोनिया, इस्वातीनी, फिजी, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्वाटेमाला, आईलैंड, आयरलैंड, इजरायल, इटली, जापान, लात्विया, लाइबेरिया, लीकटेंस्टीन, लिथुआनिया, लक्समबर्ग, मोल्डोवा, मोनाको, मोंटेनेग्रो, नाउरू, नीदरलैंड्स का नाम शामिल है।
इनके अलावा नॉर्थ मैसेडोनिया, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पलाऊ, पैराग्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रिपब्लिक ऑफ मार्शल आईलैंड्स, रोमानिया, सैन मैरीनो, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तुवालु, यूक्रेन, अमेरिका और ब्रिटेन ने भी सयुंक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की तीसरी समिति में बयान पर हस्ताक्षर किए हैं।
बयान में कहा गया है, 'इन उल्लंघनों में मनमाने ढंग से हिरासत में लिया जाना, जबरन मजदूरी, निगरानी, जबरन जनसंख्या नियंत्रण उपाय, बच्चों को परिवारों से दूर करना, लोगों का गायब होना और मानसिक, शारीरिक और यौन उत्पीड़न शामिल है।' शिनजियांग चीन के उत्तरपश्चिम में मौजूद है। यह रूस, पाकिस्तान और मध्य एशिया के कई देशों से सीमा साझा करता है। चीन के सिविल वॉर में जीत के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ने इस इलाके पर नियंत्रण कर लिया था।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

