भोपाल
वर्तमान में उत्तर भारत क्षेत्र में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने से मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। हालांकि, प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से हवाओं का रुख बार-बार बदल रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक दिन के समय दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी हवाएं चल रही हैं। इस वजह से पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।
उधर, शाम के बाद हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी हो जाता है। इस वजह से रात में गुलाबी ठंड बरकरार है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात प्रदेश में सबसे कम 15.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रीवा में दर्ज किया गया।
भोपाल में न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया, जो शहर का इस सीजन का रात का सबसे कम तापमान रहा। रविवार को दिन का सबसे अधिक तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस उज्जैन में दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी एसएन साहू ने बताया कि वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। आसमान साफ रहने के साथ ही रात के समय हवा का रुख उत्तरी हो जाने के कारण रात के तापमान में गिरावट हो जाती है। अभी चार-पांच दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अभी पाकिस्तान के आसपास एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इसके अलावा उत्तरी मध्य प्रदेश पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इसके असर से हवाओं का रुख बार-बार बदल रहा है। विशेषकर दिन के समय दक्षिण-पूर्वी हवाएं चल रही हैं, जबकि शाम के बाद हवाओं की दिशा बदलकर उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी हो जाती हैं।
इस वजह से रात के समय ठंड का अहसास होने लगता है। इस तरह की स्थिति अभी बनी रह सकती है। मंगलवार को पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत से आगे बढ़ जाने की संभावना है। इस वजह से दशहरा के बाद रात के तापमान में कुछ और गिरावट होने के आसार हैं।
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