अलवर.
राजस्थान विधानसभा चुनाव में नेताओं की जुबान आपे से बाहर होने लगी है। बिना सोचे समझे बयानबाजी करना कभी-कभी भारी भी पड़ जाता है। ऐसा ही अलवर सांसद और अब तिजारा से बीजेपी प्रत्याशी बाबा बालकनाथ के साथ हुआ है। बालकनाथ को सोमवार को निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस थमा दिया है। उन्हें दो दिन में इस नोटिस पर अपना जवाब रिटर्निंग ऑफिसर को देना होगा।
बता दें कि सांसद बालकनाथ ने एक गांव में सभा को संबोधित करते हुए कहा, इस बार चुनाव के मतदान में गांव में 1,440 वोट हैं, लेकिन पड़ेंगे 1,450 वोट। तिजारा से प्रत्याशी बालकनाथ का यह बयान सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं ने इसे बीजेपी के बूथ कैप्चरिंग का प्लान बताया है। लोगों का कहना है, जब वोट 1,440 हैं तो बाबा 1,450 वोट कहां से डलवा देंगे। बाबा बालकनाथ ने अपने इस बयान पर सफाई भी दी है। उन्होंने कहा, आज के आधुनिक युग में ईवीएम से वोटिंग होती है। बूथ पर चुनाव अधिकारी सहित पूरी पोलिंग पार्टी मौजूद होती है। ऐसे में बूथ कैप्चरिंग का कोई सवाल नहीं उठता। मैंने जनता को मोटिवेट करने के लिए ऐसा कहा है, ताकि लोग घरों से निकलकर ज्यादा से ज्यादा वोट डालें।
उन्होंने कहा, लोग तो कुछ भी मायने निकाल सकते हैं। इन फालतू की बातों में वे (विपक्ष) अपना समय बर्बाद न करे। अब तो वे राजस्थान से बाहर निकलने के रास्ते खोजें कि किस रास्ते से बाहर निकलना है। बता दें, साल 2017 में महंत चांदनाथ के निधन के बाद साल 2018 में बाबा बालकनाथ को नाथ संप्रदाय के महत्वपूर्ण स्थल मस्तनाथ मठ का महंत बनाया गया था। साल 2019 में बीजेपी ने अलवर लोकसभा सीट से उन्हें टिकट दिया और उन्होंने कांग्रेस के भंवर जितेंद्र सिंह को हराया। इससे पहले उन्हें प्रदेश बीजेपी कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष भी बनाया गया था।
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