नई दिल्ली
केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उपहार में मिले स्वर्ण मंदिर के मॉडल की ई-नीलामी शुरू की गई है। बताया जा रहा है कि ई-नीलामी 31 अक्टूबर शाम 5 बजे तक की जा सकती है। उधर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने (एसजीपीसी) ने ई-नीलामी के केंद्र के फैसले की आलोचना की है। सिख निकाय ने सरकार से आग्रह किया है कि उसकी पवित्रता बनाए रखने और सिख भावनाओं का सम्मान करने के लिए मॉडल को पीएम मोदी के घर में रखा जा सकता है।
एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बुधवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि पीएम मोदी को मिले सम्मान और उपहारों की नीलामी के दौरान सचखंड हरमंदर साहिब के मॉडल की नीलामी नहीं की जानी चाहिए। यह कोई सामान्य उपहार नहीं बल्कि, श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है। मैं प्रधानमंत्री से मॉडल को अपने आवास पर रखने की अपील करता हूं।
पंजाब कांग्रेस ने किया विरोध
वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने केंद्र के इस फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उपहारों की नीलामी की प्रक्रिया में श्री हरिमंदिर साहिब का मॉडल भी शामिल है, उसे हटा दिया जाए। क्योंकि यह ऐसी वस्तु नहीं है, जिसका मौद्रिक संदर्भ में कोई सीमित मूल्य हो सकता है।
आपको बता दें कि केंद्रीय संस्कृति और विदेश राज्य मंत्रालय ने कहा था कि पीएम स्मृति चिह्नों की 31 अक्टूबर तक ई-नीलामी की जाएगी। पता चला है कि स्वर्ण मंदिर की प्रतिकृति के अलावा, भगवान लक्ष्मी नारायण विट्ठल की एक मूर्ति, भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और भगवान हनुमान की पीतल की मूर्ति, राम दरबार की एक मूर्ति, यरूशलेम की स्मारिका और अन्य वस्तुओं की सरकार की ओर से नीलामी की जानी थी।
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