रायपुर.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जो मतदाता किसी भी उम्मीदवार को वोट देने के इच्छुक नहीं हैं, उनके लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में नोटा विकल्प को खत्म कर दिया जाना चाहिए। इससे चुनाव परिणामों पर असर पड़ता है। शनिवार को रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि नोटा के विकल्प पर चुनाव आयोग को पुर्नविचार करना चाहिए।
शनिवार को रायपुर हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में बघेल ने कहा कि ऐसा देखा गया है कि कभी-कभी नोटा में जीत-हार के अंतर से ज्यादा वोट पड़ जाते हैं। इससे चुनाव परिणाम पर असर पड़ता है उल्लेखनीय है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में 2.82 लाख नोटा वोट पड़े थे। उन्होंने कहा कि ऐसा होता है जैसे बहुत से लोग यह सोचकर इसे (नोटा बटन) दबाते हैं कि या तो उन्हें ऊपर या नीचे (बटन) दबाना है. इसलिए नोटा को बंद किया जाना चाहिए। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, 2013 में चुनाव आयोग ने वोटिंग पैनल पर अंतिम विकल्प के रूप में ईवीएम में 'उपरोक्त में से कोई नहीं' या नोटा बटन जोड़ा। नोटा का अपना प्रतीक मतपत्र है जिस पर काला क्रॉस बना होता है।
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