तेलअवीव
इजराइल की सेना ने सोमवार को बताया है कि उसने सीरिया के अंदर भी हमले किए हैं। सीरिया में मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए ये हमले किए गए और इस इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया गया। आईडीएफ के लड़ाकू जेट ने दक्षिणी सीरिया में लॉन्चरों पर हमला किया। इजरायल सेना का कहना है कि एक रात पहले इसी सीरियाई क्षेत्र से इजरायल की ओर रॉकेट लॉन्च किए गए थे। जिसके बाद इजरायली जेट ने सीरियाई क्षेत्र में स्थित इस सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमला किया।
इजरायल के पब्लिक ब्रॉडकास्टर कान न्यूज ने इन हमलों की जानकारी देते हुए बताया है कि दारा के पास ये अटैक किए गए। इजरायली सेना के मुताबिक इस क्षेत्र का इस्तेमाल हमास को मदद करने और उसके खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए किया जा रहा था। लेबनाना में भी इजरायली सेना ने अटैक किया है। सेना की ओर से कहा गया है कि रॉकेट हमले के जवाब में लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों पर उसने हमला किया है।
जंग फैलने का खतरा बढ़ा!
गाजा में संघर्ष शुरू होने के बाद से लेबनान सीमा पर हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच गोलीबारी की घटनाएं लगातार हो रही हैं। इराक और सीरिया में भी अमेरिकी सेना पर हमले हुए हैं। इजरायली सेना ने भी अपनी सैन्य कार्रवाई को गाजा के बाहर बढ़ा दिया है। ऐसे में गाजा में हमास के खिलाफ चलाए जा रहे इजराइल के युद्ध के रीजन में फैलने और इसके नतीजों को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं।
इजरायली सेना के अधिकारियों के अनुसार, 7 अक्टूबर के बाद से हिज्बुल्ला के साथ सीमा पार हर दिन गोलीबारी हो रही है। 7 अक्टूबर के हमास के हमले के बाद से लेबनान में सीमा पार हिंसा में कम से कम 59 लोग मारे गए हैं। इसमें ज्यादातर हिज्बुल्ला के लड़ाके थे लेकिन चार नागरिक और एक पत्रकार की जान भी यहां गई है।
7 अक्टूबर के बाद शुरू हुआ है संघर्ष
हमास ने 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल में एक बड़े हमले को अंजाम दिया था। जिसमें 1,400 से ज्यादा लोगों को मारे गए और करीब 240 को हमास ने बंधक बना लिया। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर लगातार बमबारी की है। गाजा के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 3 हफ्ते से जारी इजरायली सेना की बमबारी में 8,000 लोग मारे गए हैं। वहीं बड़ी तादाद में लोग बेघर हो गए हैं।
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