जयपुर
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को टोंक विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन से पहले सचिन पायलट ने शक्ति प्रदर्शन भी किया। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि मुख्यमंत्री पद पर फैसला चुनाव के बाद होगा। पायलट ने कहा कि कांग्रेस को जीत मिली तो चुने हुए विधायक और हाईकमान मिलकर तय करेंगे कि राजस्थान का मुख्यमंत्री कौन होगा।
सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री पद को लेकर अपनी बात ऐसे समय पर कही है जब राज्य के सीएम अशोक गहलोत ने चुनाव के बीच कई बार यह इशारा किया है कि जीत मिलने पर एक बार फिर वही कमान संभालेंगे। नामांकन से पहले पायलट ने टोंक में रोडशो किया। वह बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की और इस बात को खारिज किया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ उनका कोई मतभेद या मनभेद है।
एएनआई से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा, 'कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, 'हमारा (अशोक गहलोत और सचिन पायलट) ना कोई मनभेद है, ना मतभेद है, ना कोई गुट है। हम सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हमारी पार्टी में चेहरे की घोषणा की परंपरा नहीं है। जीत के बाद विधायक और पार्टी नेतृत्व तय करते हैं कि कौन लीड करेगा। अभी हम सब पार्टी को जीताने की कोशिश में लगे हुए हैं।'
पायलट ने कहा, 'बहुमत आने के बाद सभी विधायक बैठकर निर्णय करेंगे और कांग्रेस लीडरशिप तय करेगी कि कौन नेतृत्व करेगा। अभी हम सबका ध्यान और फोकस होना चाहिए चुनाव जीतने के लिए।' कांग्रेस नेता ने नामांकन दाखिल करने से पहले भूतेश्वर महादेव मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की।
नामांकन दाखिल करने के बाद पायलट ने कांग्रेस की जीत की उम्मीद जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह जनता का चुनाव है और माहौल कांग्रेस के पक्ष में है। भाजपा की कार्यप्रणाली लोग देख चुके हैं। केंद्र सरकार का काम देख चुके हैं। राजस्थान में ईडी की छापेमारी को लेकर पायलट ने कहा कि हार के डर से केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। राजस्थान में सभी 200 विधानसभा सीटों पर 25 नवंबर को मतदान होगा और 3 दिसंबर को नतीजे घोषित होंगे।
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