आगरा
आगरा के जाने-माने लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. लाखन सिंह गालब के लिए रविवार तड़के एक चूक जानलेवा बन गई। डॉक्टर राजामंडी स्टेशन पर अपनी बेटी को ट्रेन में बिठाने गए थे। वह एसी कोच में उसे बिठाकर जब तक उतरते तब तक ट्रेन ने गति पकड़ ली। डॉ.लाखन ने इसके बावजूद रिस्क लिया। वह ट्रेन से उतरे और प्लेटफार्म से फिसलते हुए उसके नीचे चले गए। इस दौरान प्लेटफार्म पर मौजूद एक शख्स उन्हें बचाने के लिए दौड़ा भी लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉ.लाखन की ट्रेन की चपेट में आकर दर्दनाक मौत हो गई।
रविवार की सुबह करीब आठ बजे जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस राजामंडी स्टेशन पहुंची थी। डॉ. गालब अपनी बेटी को महाकौशल एक्सप्रेस में बिठाने गए थे। बेटी हजरत निजामुद्दीन जा रही थी। एसी कोच में बेटी को बिठाने के दौरान ट्रेन चलने लगी। ट्रेन चलने पर डॉ. गालब जल्दबाजी में कोच के गेट पर उतरने के लिए पहुंचे।
तभी जल्दबाजी में उतरते समय कोच के फुटरेस्ट पर रखा पैर फिसल गया और वह प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच से पटरी पर गिर गए। यह सारा वाकया स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। फुटेज में दिख रहा है कि एक शख्स ने उन्हें गिरता देख दौड़कर बचाने की कोशिश भी की लेकिन तब तक काफी देर हो चुुकी थी। हादसे में उनके शरीर के दो हिस्से हो गए। डॉ. लाखन सिंह लेप्रोस्कोपी सर्जन थे। पुष्पांजलि, आसोपा सहित कई हॉस्पिटलों में अपनी सेवाएं देते थे।
लखन सिंह के तीन बच्चे, (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। सभी अविवाहित है। काले का लाल, दिल्ली गेट के पास उनका आवास है। इंस्पेक्टर जीआरपी आगरा कैंट ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस की सूचना पर डॉ. गालब के परिजन भी स्टेशन पहुंच गए थे।
चिकित्सा जगत में शोक
डा. लाखन सिंह गालब की दर्दनाक मौत से आगरा के चिकित्सा जगत में शोक फैल गया है। उनके शुभचिंतक और जानने वाले इस पूरे वाकये से हैरान हैं। हर कोई यही कह रहा है कि काश डॉक्टर लाखन ने चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश न की होती।
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