नयी दिल्ली.
भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम अगले महीने होने वाले विश्व कप से पहले बेंगलुरू में राष्ट्रीय शिविर में उन कमजोर पक्षों पर काम करेगी जिनकी पहचान मलेशिया में सुल्तान ऑफ जोहोर कप में कांस्य पदक जीतने के दौरान हुई। भारत ने जोहोर बाहरू में ग्रुप चरण में शीर्ष पर रहते सेमीफाइनल में जगह बनाई लेकिन वहां उसे जर्मनी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। टीम ने इसके बाद तीसरे स्थान के प्ले ऑफ मुकाबले में पाकिस्तान को हराकर कांस्य पदक हासिल किया। जूनियर विश्व कप कुआलालंपुर में पांच दिसंबर से खेला जाएगा।
टीम के कोच सीआर कुमार ने कहा कि वह जोहोर बाहरू में टीम के प्रदर्शन को शानदार नहीं कहेंगे लेकिन टीम को जिन विभागों में सुधार की जरूरत है उनकी पहचान की गई है। कुमार ने बयान में कहा, ‘‘मैं इसे संतोषजनक नहीं कहूंगा क्योंकि कुछ चीजें थीं जिन्हें हम बेहतर कर सकते थे।’’ भारत टूर्नामेंट में जर्मनी, न्यूजीलैंड, मलेशिया और पाकिस्तान जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ खेला।
कुमार ने कहा, ‘‘हम जूनियर विश्व कप से पूर्व के हफ्तों का इस्तेमाल जोहोर बाहरू में जिन विभागों की पहचान हुई उनमें सुधार और उन्हें निखारने के लिए करेंगे।’’ विश्व कप में 16 टीम हिस्सा लेंगी जिन्हें चार ग्रुप में बांटा गया है। भारत को पूल सी में स्पेन, कोरिया और कनाडा के साथ रखा गया है।
अर्जेन्टीना, ऑस्ट्रेलिया, चिली और मेजबान मलेशिया को पूल ए में जगह मिली है जबकि फ्रांस दक्षिण अफ्रीका और मिस्र को पूल बी तथा नीदरलैंड, बेल्जियम, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड को पूल डी में रखा गया है। भारत अपने अभियान की शुरुआत पांच दिसंबर को कोरिया के खिलाफ करेगा। टीम इसके बाद स्पेन और कनाडा से क्रमश: सात और नौ दिसंबर को भिड़ेगी। भारत ने ओमान के सालालाह में 2023 जूनियर एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को 2-1 से हराकर जूनियर विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया।
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