श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ गुफा तक अब कुछ ही समय में वाहनों की सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) नेदुमैल से अमरनाथ गुफा तक सड़क बना दी है। बीआरओ की तरफ से एक वीडियो भी जारी किया गया जिसमें दिखाया गया है कि अमरनाथ गुफा तक वाहन पहुंच रहे हैं। हालांकि महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी ने इस पर नाराजगी जताते हुए हिंदुओं के खिलाफ अपराध बताया है। पीडीपी का कहना है कि सरकार धार्मिक स्थानों की पवित्रता नष्ट करना चाहती है और इसे पिकनिक स्पॉट बना देना चाहती है। पीडीपी ने इस कदम को तबाही का आमंत्रण और हिंदुओं के खिलाफ साजिश बताया है।
बीआरओ का कहना है कि अब यात्री आराम से बाबा बर्फानी के दर्शन कर पाएंगे। पहले लोगों को शिविर से गुफा तक पैदल ही यात्रा करनी पड़ती थी जो कि बुजुर्गों के लिए बहुत ही मुश्किल थी। पीडीपी के प्रवक्ता मोहित भान ने कहा कि राजनीतिक लाभ उठाने के लिए ऐसा काम किए जा रहे हैं जो कि धार्मिक स्थान के लिहाज से ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इससे तबाही आएगी। भान ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा, इतिहास में इससे बड़ा हिंदुओं के खिलाफ पाप नहीं किया गया। हिंदू प्रकृति में आस्था रखते हैं। हिंदू धर्म में प्रकृति की मां की तरह पूजा होती है। इसीलिए हिमालय की गोद में हमारे तीर्थ स्थान हैं।
उन्होंने कहा, हमने जोशीमठ और केदारनाथ में भगवान का प्रकोप देखा है और फिर भी उससे सबक नहीं ले रहे हैं। अब हम कश्मीर में भी तबाही को न्योता दे रहे हैं। पीडीपी के इस विरोध के बाद जम्मू-कश्मीर की भाजपा यूनिट ने कहा कि पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण करने के बाद ही यह निर्माण किया गया है। इस प्रक्रिया में एक पेड़ भी नहीं काटा गया है। इस तरह से पीडीपी केवल साजिश कर रही है लेकिन अब लोग बुद्धिमान हैं। लोग पीडीपी के चक्कर में आने वाले नहीं हैं।
बता दें कि सरकार ने अमरनाथ के रास्ते की जिम्मेदारी बीआरओ को सौंप दी है। पहले यह जम्मू-कश्मीर लोक निर्माण विभाग के पास थी। बालताल से होकर जाने वाले रास्ते को बीआरओ ने चौड़ा कर दिया है। अब इसपर आराम से वाहन जा सकते हैं। बीआरओ को इस प्रोजेक्ट के रखरखाव का काम भी सौंपा गया है। यह रास्ता दुमैल से अमरनाथ गुफा तक है। फिलहाल इसके दोनों ओर प्रोटेक्शन वॉल बनाने का काम चल रहा है।
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