राजधानी दिल्ली के 22 क्षेत्रों में सांस लेना भी मुश्किल, फिर 400 के पार पहुंचा AQI

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नईदिल्ली

देश की राजधानी दिल्ली में लोगों की सांसों पर संकट बरकरार है। राजधानी के कई इलाकों में हवा की दिशा बदलने व गति कम होने से आबोहवा फिर गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक गुरुवार सुबह, जाहंगीरपुरी में 434, बवाना में 441, द्वारका में 412, बुराड़ी में 441, आनंद विहार में 387, अशोक विहार में 386, एक्यूआई दर्ज किया गया है।

वहीं, दिल्ली-एनसीआर में कोहरे के साथ तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ रही है। दोपहर के समय धूप कम खिल रही है और सुबह-शाम ठंड बढ़ने लगी है। इससे दिल्ली में न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है।

बुधवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री से नीचे रहा। औसत अधिकतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से एक डिग्री कम दर्ज किया गया। मौसम विभाग की मानें तो सोमवार को कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इससे ठिठुरन बढ़ेगी। ऐसे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और कमी आएगी। इधर, लोदी रोड में न्यूनतम तापमान 10.4, जफरपुर में 11.2, मुंगेशपुर में 11.3, नरेला में 12.1 डिग्री सेल्सियस रहा। पीतमपुरा में अधिकतम तापमान 27.6, नरेला में 27.4, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

ग्रैप-4 लागू हुआ तो बीएस4 डीजल और ई-बसों को छोड़कर अन्य के प्रवेश पर रोक
दिल्ली सरकार ने अधिसूचित जारी किया है कि वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना के अंतिम चरण ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू होने पर राजधानी में सीएनजी, बीएस4 डीजल और इलेक्ट्रिक बसों को छोड़कर अन्य बसों के प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी। अधिसूचना में कहा गया है कि ग्रैप -4लागू होने पर पर्यटक बसें, ठेके पर चलने वाली बसों और राज्य परिवहन बसों या सीएनजी इलेक्ट्रिक या बीएस4 डीजल बसों को छोड़कर अन्य राज्यों में किसी अन्य प्रकार के परमिट रखने वाली सभी बसों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

हवा की धीमी रफ्तार से परेशानी : दिल्ली की हवा ज्यादातर समय शांत बनी हुई है। हालांकि, जब हवा चलती भी है तो इसकी रफ्तार दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहती है। इस कारण प्रदूषक कणों का बिखराव बेहद धीमा हो रहा है और प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है।

तीन दिन राहत मिलने के आसार नहीं : पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा तैयार वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों तक वायु गुणवत्ता स्तर बेहद खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं।

हवा सामान्य से तीन गुना ज्यादा जहरीली

मानकों के अनुसार, हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 100 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 60 से कम होना चाहिए, तभी उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। मगर दिल्ली-एनसीआर की हवा में बुधवार शाम चार बजे पीएम 10 का औसत स्तर 313 और पीएम 2.5 का स्तर 198 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। इस तरह से हवा में प्रदूषण कणों का स्तर मानकों से तीन गुना से भी ज्यादा है।

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