भोपाल
मध्यप्रदेश का मालवा-निमाड़ यानी इंदौर-उज्जैन संभाग अगले तीन दिन यानी 25, 26 और 27 नवंबर को भीग सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और चक्रवात की वजह से प्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिरेगा। इंदौर-उज्जैन संभाग में ओले गिरने का भी अनुमान है, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम में 27 नवंबर को बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवा भी चलेगी।
3 दिन तक वेदर सिस्टम का प्रभाव : इसके बाद यह वेदर सिस्टम अगले तीन दिन तक मध्य प्रदेश के मौसम पर अपना प्रभाव डालता रहेगा. शनिवार से एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ के भी उत्तर भारत क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है. इस नए वेदर सिस्टम का असर प्रदेश में दिखाई देगा मौसम प्रणाली की सक्रियता के चलते अरब सागर से नमी मध्यप्रदेश तक पहुंचेगी और बदल छाएंगे, जिससे शनिवार व रविवार को प्रदेश के कई शहरों में बारिश होने की संभावना जताई जा रही है. पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में आज से मौसम में तेजी से बदलाव आएंगा.
इन जिलों में हो सकती है बारिश : नए वेदर सिस्टम की वजह से प्रदेश में शनिवार को रतलाम, झाबुआ, धार, इंदौर, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. यह वेदर सिस्टम धीरे-धीरे पूरे मध्य प्रदेश में अपना असर दिखाएगा और 26 नवंबर को खरगोन और बुरहानपुर के साथ ही खंडवा, देवास, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. 27 नवंबर को अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, भोपाल, नर्मदापुरम, बैतूल के साथ रायसेन, सागर, दमोह, छतरपुर, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.
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