पर्यावरण में सुधार के चलते चौराहों में लगाए महंगे पौधे हुए गायब, अब फिर लगवा रहे

मध्य प्रदेश राज्य

जबलपुर
पर्यावरण में सुधार के साथ ही नागरिकों को शुद्ध हवा मिले इसके लिए नगर निगम को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत करोड़ों रुपये मिल चुके हैं। जिसके बाद अमृत योजना के तहत 10 करोड़ रुपये और मिले हैं। जिनसे शहर के 15 बड़े उद्यानों का कायाकल्प सहित शहर के 79 वार्डों में उद्यान विकसित किए जाने का दावा किया जा रहा है।

आइलैंड मिटने की कगार पर पहुंच रहे
पहले जो राशि मिली थी उसे चौराहों को विकसित कर चारों कोनों में बनाए गए आइलैंड मिटने की कगार पर पहुंच रहे हैं। तीन पत्ती, कलेक्ट्रेट, छोटी लाइन फाटक, कटंगा क्रासिंग में बनाए गए आइलैंड में लगाए गए महंगे फूल-पौधे देखरेख के अभाव में मुरझा गए जो शेष हैं वे भी मुरझाने की कगार पर पहुंच गए हैं वहीं वहीं सुरक्षा इंतजाम न होने से बेसहारा मवेशियों का चारा बन रहे हैं। वहीं अब एक बार फिर नगर निगम द्वारा इन चौराहों में नए सिरे से पांइसेटिया सहित अन्य प्रजातियों के महंगे फूल व पौधे लगाए जा रहे हैं।

कहीं नजर नहीं आ रहे पांइसेटिया के लाल फूल
विदित हो कि दो वर्ष पूर्व नवंबर 2021 में नगर निगम और स्मार्ट सिटी ने कटंगा क्रासिंग सहित नौदरा ब्रिज चौराहे व कुछ अन्य चौराहों में महंगे पांइसेटिया प्रजाति के फूल-पौधे लगाए गए थे। एक पौधे की कीमत करीब 300 रुपये बताई गई थी। जो गुजरते वक्त के साथ अब कहीं भी नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ चोरी कर लिए गए तो कुछ देखरेख के मुरझा कर समाप्त हो गए। अब एक बार फिर शहर के चौराहे आइलैंड इसी तरह महंगे फूल-पौधे लगाए जा रहे हैं। ये अलग बात है कि इससे पर्यावरण में सुधार नहीं आ पा रहा है ठंड के दिन में वायु प्रदूषण की मात्रा यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 250 के आस-पास ही बना हुआ है।

छोटी लाइन चौराहे में लगाए जा रहे
बहरहाल नगर निगम चौराहों के आइलैंड को खूबसूरत बनाने फूल,-पौधे लगवा रहा है। वीरान हो चुके छोटी लाइन फाटक पर फूल-पौधे लगाए जा रहे हैं। वहीं अन्य चौराहों में भी लगाने की योजना है।

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