भोपाल
बंगाल की खाड़ी में बने तूफान 'मिचोंग' के असर से प्रदेश के पूर्वी और अरब सागर में बने चक्रवात से आ रही नमी के असर से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बादल छाए हुए हैं। इसके अतिरिक्त राजस्थान पर द्रोणिका के रूप में बना पश्चिमी विक्षोभ भी असर दिखा रहा है। बादलों के कंबल के असर से रात का तापमान बढ़ा हुआ है और सर्दी तीखा रुख नहीं अपना पा रही है। वहीं यही बादल सूरज को ढंककर दिनों को सर्द बनाए हुए हैं।
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अगले दो-तीन दिनों तक प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव नहीं आएगा। गंभीर चक्रवातीय तूफान और मौसम प्रणालियों का असर कम होने के बाद बादल छंटेगे और तब तापमान में तेजी से गिरावट आएगी।
मौसम विज्ञानी ने बताया कि बंगाल की खा़ड़ी से आगे बढ़ रहा तूफान मिचोंग गंभीर चक्रवाती तूफान बन चुका है। यह दक्षिण आंध्र प्रदेश और उत्तर तमिलनाडु के तट पर दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर स्थित है। वर्तमान में यह चेन्नई से 100 किमी की दूरी पर है। मिचोंग पांच दिसंबर को आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकराएगा। बेहद ताकतवर तूफान के असर से छत्तीसगढ़ के साथ पूर्वी मध्यप्रदेश में भी ऊंचाई पर बादल छाए हुए हैं।
इस दौरान दिन के तापमान में गिरावट आएगी। वहीं एक अन्य मौसम प्रणाली अरब सागर में ऊपरी हवा के चक्रवात के रूप में बनी हुई है, जिससे नमी आ रही है। इसके असर से उत्तरी मध्य प्रदेश विशेष तौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाए रहने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का भी प्रभाव
एक पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा के दक्षिणी भाग पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इससे एक द्रोणिका भी संबद्ध बनी हुई है। इसका असर भी प्रदेश पर दिख रहा है। तीन प्रणालियों का संयुक्त प्रभाव प्रदेश को बादलों के आगोश में समेटे हुए है। बादलों के चलते रात में अपेक्षित सर्दी नहीं पड़ रही है। अधिकतर शहरों में रात का तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। बीते चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान हिल स्टेशन पचमढ़ी में 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मैदानी इलाकों में खरगौन में 14.2 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 15 तो बैतूल में 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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