नई दिल्ली
तमिलनाडु में मिचौंग तूफान के चलते हुई तबाही के मद्देनजर मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई । बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से चर्चा में स्टालिन ने कहा कि इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार हर संभव कोशिश कर रही है।
केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा गया है। केंद्र सरकार से राज्य को तुरंत 5000 करोड़ रुपये देने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान मिचौंग की वजह से पिछले दो-तीन दिनों में चेन्नई सहित तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार युद्ध स्तर पर सभी जरूरी कदम उठा रही है। तूफान ने चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लुर और चेंगलपट्टू जिलों में भारी तबाही मचाई है। आज शैक्षणिक संस्थानों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए अवकाश घोषित किया गया है।
डीएमके राज्य में मिचौंग तूफान से हुई तबाही का मुद्दा संसद में भी उठाने की तैयारी में है। डीएमके के लोकसभा सदस्य टीआर बालू ने बताया कि वे राज्य में बाढ़ के हालात से केंद्र सरकार को अवगत कराएंगे। मदद की गुहार लगाएंगे। पि राज्य सभा में डीएमके सांसद त्रिची शिवा इस मुद्दे पर बात रखेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन को फोन कर चक्रवात मिचौंग से हुए नुकसान की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों में राज्य को पूरा समर्थन देने का वादा किया।
जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, टेलीफोन पर बातचीत के दौरान स्टालिन ने शाह को चक्रवात से हुए नुकसान और चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और चेंगलपट्टू जिलों में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों के बारे जानकारी दी।
स्टालिन ने गृह मंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों के साथ एनडीआरएफ संयुक्त रूप से राहत कार्य में लगे हुए हैं। स्टालिन ने शाह से राहत कार्यों के लिए राज्य में अतिरिक्त एनडीआरएफ कर्मियों को भेजने का भी आग्रह किया।
स्टालिन यह भी कहा कि चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार से आवश्यक सहायता मांगी जाएगी। स्टालिन के अनुरोध को स्वीकार करते हुए, श्री शाह ने वादा किया कि केंद्र राहत कार्यों में राज्य सरकार को सभी प्रकार की सहायता प्रदान करेगा।
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