कैलाश विजयवर्गीय प्रदेश के मुखिया बने, संघ शीर्ष पद के लिए उनका समर्थन कर रहा !

राजनीती

भोपाल

 बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय केंद्रीय नेताओं और आरएसएस के नेताओं के जरिए मध्य प्रदेश की कमान अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रहे हैं। इंदौर विधानसभा क्रमांक एक से चुनाव लड़े विजयवर्गीय ने भारी मतों से चुनाव जीता है। इसके अलावा बीजेपी ने इंदौर की सभी 9 सीटों पर जीत हासिल की है।

जानकारों का कहना है कि सभी सीटों पर उनके प्रभाव के कारण बीजेपी को जीत मिली। उनके समर्थक और विधायक बने रमेश मेंदोला ने खुलेआम कहा कि 'राज्य की जनता विजयवर्गीय को अगला सीएम देखना चाहती है। इसलिए विजयवर्गीय को मौका दिया जाना चाहिए।'

विजयवर्गीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कुछ आरएसएस नेताओं के करीबी हैं। इसके अलावा कैलाश विजयवर्गीय आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले के करीबी हैं। इसलिए संघ शीर्ष पद के लिए उनका समर्थन कर सकता है। मुख्यमंत्री पद के लिए चल रही लॉबिंग के बीच केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया चुप्पी साधे हुए हैं।

तोमर और सिंधिया दोनों को भी इस पद का दावेदार माना जा रहा है, लेकिन वे इसके लिए पैरवी नहीं कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक ये दोनों ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पक्ष में हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद को मुख्यमंत्री की रेस से बाहर कर लिया है। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा 'मैं दिल्ली नहीं जाऊंगा। मैं कल छिंदवाड़ा जाउंगा, जहां पर कांग्रेस ने सभी 7 की 7 विधानसभा सीटें जीती हैं, मैं वहां कार्यकर्ताओं से बात करूंगा। अगले लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 29 में से 29 लोकसभा सीटें 29 कमल के फूल के रूप में हम मोदी जी को पहनाएंगे।'

ये बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री ने चुनाव जीतने के बाद कहीं। इससे पहले वह 4 दिसंबर को जनता को वीडियो संदेश देकर धन्यवाद दे चुके हैं। अब एक बार फिर उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर उसे ट्वीट भी किया है। इस वीडियो में उनके द्वारा कही गई बातों के बाद उनकी मुख्यमंत्री की ताजपोशी पर संशय के बादल छा गए हैं।

तीन राज्यों में बीजेपी की जीत के बाद दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के लिए लॉबिंग तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय लॉबिंग कर रहे हैं। चूंकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ओबीसी वर्ग से हैं, इसलिए पटेल खुद को चौहान के विकल्प के रूप में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने पेश कर रहे हैं।

पटेल के अलावा विजयवर्गीय भी शीर्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं। विजयवर्गीय की उम्मीदवारी का उनके समर्थक विधायक खुलकर समर्थन कर रहे हैं। दूसरी तरफ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी अपनी दावेदारी पेश कर दी है। शर्मा ने मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की।

चुनाव प्रचार शुरू होने के दिन से ही मुख्यमंत्री पद के लिए पटेल का नाम चर्चा में है। यही वजह है कि रविवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद वह सक्रिय हो गए हैं। शाह और नड्डा से मुलाकात के बाद लॉबिंग तेज कर चुके पटेल ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और एमपी में पार्टी की जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं को श्रेय दिया।

 

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