स्वदेशी मेला में दिखी आत्मनिर्भरता की झलक

बिलासपुर

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 साईंस कॉलेज मैदान सरकंडा में चल रहे स्वदेशी मेले में पांचवें दिन मंगलवार को मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 60 से अधिक महिलाओं, युवतियों ने भाग लिया एवं अपनी कला प्रतिभा दिखाते हुए दुल्हन, मारवाड़ी, भरी हुई मेहंदी लगाई। निर्णायकों ने मेहंदी की बारीकी, डिजाइन को देखकर निर्णय दिया।     

         मेहंदी प्रतियोगिता दो वर्गो में आयोजित की गई। पहले वर्ग में 10 से 17 एवं दूसरे वर्ग में 17 से अधिक उम्र की युवतियों, महिलाओं ने भाग लिया। दोनोंं वर्ग के प्रतिभागियों को डेढ़-डेढ़ घंटे का समय दिया गया। प्रतिभागी दामिनी कश्यप ने इण्डियन थीम में मेहंदी लगाकर बीच में राम-सीता बनाई। 16 साल की श्रुति यादव ने ब्राइडल मेहंदी लगाई।  कॉलेज की छात्रा दामिनी तिवारी सिरगिट्टी को ड्राइंग में रूचि है। इसके चलते उसे मेहंदी सीखने में कोई परेशानी नहीं हुई और खुद से सीखकर अब क्लासेस चला रही है। अशोक नगर की गरिमा नथानी ने मेहंदी में राम-सीता बनाई।   रायपुर से आए गणेश नामक युवक की मेहंदी कला में एकदम बारीकी दिखी। निर्णायक की भूमिका में रूही कश्यप, एस राजेश्वरी, लल्ली चंद्रा थीं। इस मौके पर किरण मेहता, शोभा कश्यप, मीना मानिकपुरी, रूपाली, कमलनी गुप्ता, रीता बरसैया, मीनाक्षी बोगर्डे, रूक्खमणि राजपूत की उपस्थित रही।

वी क्लब गोल्ड बिलासपुर की ओर से मेहंदी के विजेता प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार दिया गया।  क्लब की अध्यक्ष रीता बरसैया ने बताया कि प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह पुरस्कार दिया गया है। क्लब की टीम में सचिव रजनी खनूजा जगदीश सलूजा, नीरज, अल्का अग्रवाल, शुभा सिंह, निविता जालान भी शामिल रहीं।

रात्रि में एसपी संतोष सिंह के मुख्य आतिथ्य, देवाशीष आचार्य एसईसीएल की अध्यक्षता  एवं आशीष जायसवाल चौकसे ग्रुप के विशेष आतिथ्य में वाइस ऑफ बिलासपुर गायन प्रतियोगिता सीनियर वर्ग आयोजित की गई। इसमें 145 गायक कलाकारों ने भाग लेकर एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति दी। इसमें कु. वैष्णवी, कु. त्रिशा प्रसाद, राजेश कुमार, पलक कश्यप, रविन्द्र खरपाते, आशुतोष, चंद्र साहू शामिल रहे। कार्यक्रम में युगल शर्मा, तुषार पानसे, अभिजित मित्रा, अंकिता मेहता, सीबीएमडी के अरणव चौधरी, धीरज बाजपेई, उचित सूद, कमल छाबड़ा, सौम्या शुक्ला, मनीष दीक्षित, ममता दुबे, चानी ऐरी, तृप्ति चौहान, दीप्ति सुशांत द्विवेदी का सहयोग रहा। निर्णायक की भूमिका में प्रमोद रजक, गिरीश त्रिवेदी, तरुण शर्मा रहे। मंच संचालन अभिजीत मित्रा ने किया।

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