सीएम मोहन ने कैबिनेट बैठक में जन सुविधाओं और पुलिस थानों की व्यवस्था

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में जन सुविधाओं और पुलिस थानों की व्यवस्था दुरुस्त करने की बात पर अमल तेज कर दिया है। इस कवायद के तहत जहां थानों की सीमाओं को व्यवस्थित किया जाएगा, वहीं पुलिस लाइंस को शहर के बाहर शिफ्ट किया जाएगा। थानों की सीमाएं व्यवस्थित करने के लिए पुलिस अधिकारी जन प्रतिनिधियों से भी परामर्श करेंगे। इसके अलावा तेज लाउड स्पीकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए एक एप बनया जा रहा है।

प्रदेश के थानों की सीमा पर होने वाले अपराधों की कायमी करने को लेकर थानों के बीच अक्सर होने वाले विवादों से जब जल्द ही छुटकार मिल जाएगा। पुलिस के इस विवाद के चलते फरियादी को खासा परेशान होना पड़ता था। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पुलिस के इस विवाद को बेहतर तरीके से समझे और अब वे इसे दूर करने के निर्देश पुलिस के आला अफसरों को दे चुके हैं। वहीं शहरों के बीच में आ चुकी पुलिस लाइन को भी शहर के बाहर ले जाने के प्रयास में हैं। दो थानों की सीमा या उसके आसपास होने वाले अपराधों को लेकर पुलिस के आपसी विवाद और फरियादी को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर हर जिले में बैठक होगी। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों को भी बुलाया जाएगा। जिसमें ऐसे सभी थाने जिनकी सीमा व्यवस्थित नहीं हैं, या जिन थानों में सीमा को लेकर अक्सर विवाद होते हैं। उन पर चर्चा होगी। जनप्रतिनिधियों से राय लेकर इन्हें व्यवस्थित किया जाएगा, यदि जिले से यह व्यवस्थित हो जाता है तो ठीक है, नहीं तो पुलिस मुख्यालय और शासन स्तर तक भी इसके प्रस्ताव भेजे जा सकते हैं। जहां से इनकी सीमा को व्यवस्थित किया जाएगा।

एसपी-कलेक्टर तलाशेंगे जमीन
इधर पुलिस लाइन पहले शहर के बाहर बनाई जाती थी, लेकिन धीरे-धीरे शहर बढ़ते गए और पुलिस लाइन शहर के अंदर या बीच में आ गई। अब शहर के बाहर पुलिस लाइन के लिए जगह देखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। इसके बाद अब जिला पुलिस कप्तान और कलेक्टर मिलकर शहर के बाहर खाली शासकीय जमीन तलाशेंगे जहां पर पुलिस लाइन शिफ्ट की जा सके।

पुलिस अधीक्षकों को जल्द जारी होंगे आदेश
अब सीमा को लेकर पुलिस आपस में विवाद नहीं करेगी। इस संबंध में सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को भी जल्द ही पुलिस मुख्यालय से निर्देश भी जारी हो सकते हैं। यदि ऐसे कोई विवाद की आशंका बनती हैं तो दोनों क्षेत्रों के थाना प्रभारी आपसी तालतेल से इसे हल करते हुए फरियादी को परेशान नहीं करेंगे और इस संबंध में प्रकरण दर्ज करने के लिए सीमा का कोई झंझट नहीं देखा जाएगा।

सीएम ने पहली ही बैठक में साफ कर दिए थे इरादे
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की पहली ही बैठक में बता दिया था कि वे भविष्य में क्या चाहते हैं। उन्होंने अपनी सरकार को पहला आदेश सुप्रीम कोर्ट की गाईड लाइन का पालन करते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्र को लेकर जारी किया था। जिस पर अब ऐप बनाने का काम होगा। वहीं थानों के सीमा विवाद से लोग परेशान न हो यह भी उन्होंने पुलिस मुख्यालय में अफसरों के साथ बैठक में साफ कर दिया था।

लाउड स्पीकर की शिकायत एप पर
निर्धारित डेसीबल से अधिक आवाज में लाउड स्पीकर बजाने वालों पर कार्यवाही करने का भी एक्शन प्लान बनाने के सीएम ने निर्देश दिए हैं। इसके फिलहाल यह समस्या आ रही है कि शिकायत कैसे की जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि गृह विभाग इसे लेकर एक मोबाइल एप्लीकेशन बनाए। जहां पर इस संबंध में शिकायत की जा सके। साथ ही यह भी तय होगा कि इस पर आने वाली शिकायतों के जरिए किसी को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए। इस एप में कई फीसर्च जोड़े जाएंगे, ताकि शिकायत सही तरह से हो सके। ऐप बनाने पर जल्द ही गृह विभाग के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय काम शुरू कर सकता है।

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