अगले माह से होगा ऐतिहासिक धरोहरों का नवीनीकरण

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

प्रदेश के एतिहासिक स्मारकों सांस्कृतिक धरोंहरों के संरक्षण, नवीनीकरण, रखरखाव के लिए राज्य सरकार धरोहर संरक्षण मिशन शुरू करेगी। इसके लिए डेढ़ सौ करोड़ रुपए का प्रारंभिक बजट रखा गया है। यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

वहीं सागर, ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल में प्रसिद्ध जननायकों और क्रांतिकारियों की याद में स्मारक बनाए जाएंगे।  प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद संस्कृति, पुरातत्व विभाग ने इस संबंध में कार्यवाही शुरू कर दी है। पुरातत्व विभाग ने पहले चरण में प्रदेश की ऐसी सभी एतिहासिक धरोंहरों को चिन्हित किया है जो जर्जर हो रही है और जिनके रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण की तत्काल आवश्यकता है और जो विश्वस्तरीय एतिहासिक महत्व की धरोहरें हैं। चरणबद्ध तरीके से धरोहर संरक्षण मिशन प्रदेश की सभी एतिहासिक धरोहरों के नवीनीकरण का काम करेगा। उनको उनके मूल स्वरुप में बनाए रखने के लिए काम किया जाएगा। रंग-रोगन से लेकर उनकी चमक-दमक बरकरार रखने के लिए उन पर रासायनिक लेप कर उन्हें संरक्षित किया जाएगा।

ग्वालियर में अटल, भोपाल में वीर भारत,जबलपुर में रानी दुर्गावती स्मारक बनेंगे
नई सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के अलावा नये स्मारकों के निर्माण भी करेगी। जबलपुर में 100 करोड़ की लागत से रानी दुर्गावती स्मारक एवं संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। छतरपुर में 150 करोड़ खर्च कर महाराज छत्रसाल का भव्य स्मारक बनाया जाएगा। भोपाल में वीर भारत स्मारक विकसित किया जाएगा। ग्वालियर में अटल बिहारी बाजपेयी के भव्य स्मारक एवं रिसर्च सेंटर का निर्माण पूरा किया जाएगा। यहीं लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के भव्य स्मारक का निर्माण कार्य पूरा करेंगे। सागर में 100 करोड़ की लागत से रविदास स्मारक बनेगा।

इनका कहना है …
प्रदेश के एतिहासिक स्मारकों के संरक्षण और नवीनीकरण की दिशा में मिशन मोड पर काम किया जाएगा। इसके लिए धरोहर संरक्षण मिशन शुरु किया जा रहा है। प्राचीन स्मारकों पर अब विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति

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