नई दिल्ली
कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में तीसरी बार तलब किए गए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल क्या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने बुधवार को पेश होंगे? इस सवाल पर सस्पेंस अब भी बरकरार है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस पर 'हां या ना' में जवाब ना देकर कुछ उसी तरह टाल दिया है जिस तरह पहले दो मौकों पर आखिरी वक्त में जवाब सामने आया कि केजरीवाल ईडी के सामने नहीं जाएंगे। मंगलवार को पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि 'आप' ईडी के समन पर कानून के मुताबिक फैसला लेगी।
कक्कर से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंगलवार को पूछा गया कि क्या केजरीवाल ईडी के सामने पूछताछ के लिए हाजिर होंगे। उन्होंने कहा, 'हमारी लीगल टीम इस सवाल का बेहतर जवाब दे सकती है। हम कानून के मुताबिक काम करेंगे।' ईडी ने केजरीवाल को 3 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया है। यह तीसरा मौका है जब उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी ने तलब किया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक को इससे पहले 2 नवंबर और 21 दिसंबर को तलब किया था। केजरीवाल ने दोनों ही मौकों पर ईडी के समन को अवैध बताते हुए पेश होने से इनकार कर दिया था।
ईडी के सामने फिर पेश नहीं होंगे केजरीवाल: बीजेपी
इस बीच भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री 3 जनवरी को एक बार फिर ईडी के समन पर पेश नहीं होंगे। भाजाप के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 'आप' की 4 से 10 जनवरी के बीच जनसभा आयोजित करने की घोषणा से पता चलता है कि अरविंद केजरीवाल की 3 जनवरी को ईडी के सामने पेश होने की संभावना नहीं है। गौरतलब है कि 'आप' ने दिल्ली के हर वार्ड में 'मैं भी केजरीवाल' जनसंवाद की घोषणा की है। इससे पहले पार्टी ने घर-घर जाकर लोगों से यह पूछा कि यदि केजरीवाल को गिरफ्तार किया जाता है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए या जेल से सरकार चलानी चाहिए। 'आप' का दावा है कि 98 फीसदी लोग चाहते हैं कि केजरीवाल जेल जाने पर भी इस्तीफा ना दें।
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