बच्चों के मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं योजना 2015 के संबंध में विधिक साक्षरता शिविर का हुआ आयोजन

मध्य प्रदेश राज्य

   डिंडौरी
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशन तथा माननीय नीना आशापुरे, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिण्डौरी के मार्गदर्शन में आज गुरूवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डिण्डौरी में छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के उद्देश्य से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान एवं सचिव/जिला न्यायाधीश उत्तम कुमार डार्थी व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील अहिरवार की उपस्थित थे।

        आयोजित शिविर को संबोधित करते हुए प्रथम जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने कहा कि प्रत्येक बच्चों के व्यक्तित्व का समग्र विकास हेतु केवल शिक्षा ही एक मात्र साधन है। बच्चों से काम करवाना पूरी तरह प्रतिबंधित है यह बाल मजदूरी अधिनियम अंतर्गत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी न करवाये जाने एवं उन्हें शिक्षित किये जाने हेतु प्रेरित किया गया। आयोजित शिविर में  खान द्वारा बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम व शिक्षा का अधिकार एवं बाल न्याय कानून में दांडिक प्रावधानों व नालसा टोल फ्री नंबर 15100, निःशुल्क विधिक सहायता के अंतर्गत जानकारी दी गई।  उत्तम कुमार हार्वी जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डिण्डौरी द्वारा व्यक्त किया कि बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार, विकास का अधिकार संरक्षण का अधिकार, एवं यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम, 2012 एवं निःशुल्क विधिक सहायता एवं अपराध पीडित प्रतिकर योजना 2015 के संबंध में जानकारी प्रदान की तथा शालात्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों को शाला में प्रवेश दिलाये जाने के संबंध में किये गये प्रयासों के संबंध में विस्तृत चर्चा की।

        आयोजित शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट  सुनील अहिरवार द्वारा बाल मजदूरी, बाल विवाह, साइबर अपराध एवं इंटरनेट का बच्चों पर क्या दुष्परिणाम होता है इस संबंध में जानकारी दी। साथ ही एन.जी.ओ जन साहस की निकिता नेमा ने बताया कि चाइल्ड लाइन महिला एवं बाल विकास की परियोजना है जो कि 18 वर्ष के बेबरा व बेसहारा बच्चों की मदद के लिए है।

यह 24 घंटे चलने वाली मुफ्त आपतकालीन राष्ट्रीय फोन सेवा है। जिसका निंबर 1098 है। इस अवसर पर गरिमा केन्द्र ग्राम देवरा से जनसाहस संस्था के माध्यम से उपस्थित बच्चों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का विजिट करवाया गया। जिसमें बच्चों ने न्यायिक प्रकिया से संबंधित जिज्ञासाओं को उपस्थित न्यायिक अधिकारियों के समक्ष रखा गया जिसका न्यायिक अधिकारियों द्वारा सरल भाषा में उत्तर दिया गया। शिविर में जन साहस संस्था की जिला प्रिवेंशनिष्ट प्रियंका जी, प्रेरक कंचन उसराटे जी एवं जिला विधिक रोपा प्राधिकरण कार्यालय के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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