भरतपुर/धौलपुर.
विधानसभा के बजट सत्र से पहले ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए एक बड़ी चुनौती उनके गृह जिले से आने जा रही है। केंद्र के ओबीसी कोटे में आरक्षण दिए जाने की मांग को लकर भरतपुर और धौलपुर के जाट आंदोलनकारियों ने 17 से महापड़ाव की चेतावनी दी है। यह महापड़ाव मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग के पास जयचौली गांव में शुरू किया जाएगा।
इसकी तैयारियों को लेकर गुरुवार सुबह आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य महापड़ाव स्थल पर पहुंच गए। आंदोलन के दौरान लोगों के लिए खानपान की व्यवस्था की तैयारी की जा रही है। गौरतलब है कि भरतपुर-धौलपुर दो जिलों के जाट केंद्र में ओबीसी में आरक्षण की मांग पिछले 9 वर्षों से कर रहे हैं, जबकि इन 2 जिलों के अलावा राजस्थान के अन्य सभी जिलों के जाटों को केंद्र के ओबीसी कोटे में पहले से ही आरक्षण मिला हुआ है। भरतपुर और धोलपुर के जाटों को राजस्थान राज्य के ओबीसी कोटे से आरक्षण 2014 में खत्म कर दिया गया था। हालांकि वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली तत्कालीन भाजपा सरकार ने 2017 में ओबीसी कमीशन की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भरतपुर और धौलपुर के जाटों को राज्य में ओबीसी आरक्षण दिया था, लेकिन केंद्र में आरक्षण नहीं मिला। जाट आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो 17 जनवरी के तुरंत बाद चक्का जाम कर दिया जाएगा।
भरतपुर-धौलपुर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह ने बताया कि 17 जनवरी से मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग के पास महापड़ाव शुरू होने जा रहा है, जिसकी तैयारियां की जा रही हैं। यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो चक्का जाम किया जाएगा।
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