अगले दो महीने में बन जाएगा सेंट्रल डिवाइडर

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

राजधानी में 13 साल पहले बने बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने का काउंट डाउन शुरू हो गया है। आज शनिवार रात से यह  कॉरिडोर को टुकड़ों में हटाने का काम शुरू करेगा। यह काम सिर्फ  रात के समय में किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम न हो। कॉरिडोर को हटाने के पहले बस स्टॉप को हटाकर उसका सामान ले जाया जाएगा, इसके बाद जालियां और सीमेंटेड बाउंड्री को तोड़ा जाएगा।

इस प्रक्रिया के समय दोनों तरफ बेरिकेडिंग की जाएगी। अगले दो महीने में कॉरीडोर हटाकर सेंट्रल डिवाइडर का काम पूरा कर दिया जाएगा, जिससे सभी वाहन मिक्स लेने में चलेंगे।  इस संबंध में गत दिवस कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और वेंडर के साथ बैठक में पूरी जानकारी ली थी। इसमें कॉरीडोर को हटाने का प्लान पेश किया गया था। जिसको अंतिम रूप दिया गया।

पहले हटेंगे 48 बस स्टॉप
संत हिरदाराम नगर से मिसरोद तक  कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 24 किमी है। इसमें से 4 किमी डेडिकेटेड लेन पहले ही हट चुकी है। ऐसे में 20 किमी कॉरिडोर को हटाने जाने की कवायद होगी। इसके साथ 48 से अधिक बस स्टॉप भी हटेंगे। सिटी बसें बंद नहीं होंगी। वे दोनों लेन पर दौड़ेंगी।  कलेक्टर ने अफसरों के साथ कारीडोर के यातायात दबाव वाले क्षेत्रों की जानकारी ली। उन्होंने यातायात के कम दबाव वाले क्षेत्रों से छोटे-छोटे क्षेत्र बांटकर काम शुरू करने की नसीहत दी। उन्होंने यातायात डायवर्ट करने के बारे में जानकारी ली।

18.51 करोड़ होंगे खर्च
मिसरोद से एम्प्री तक, रोशनपुरा से कमला पार्क और कलेक्टोरेट से लालघाटी के बीच बीआरटीएस को तोड़ने में कुल 18.51 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कलेक्टर ने कहा कि रोड पर सेफ्टी के साथ काम करते हुए एक बार में एक स्ट्रेच को हटाया जाए। इसके साथ दोनों तरफ एक से डेढ़ मीटर तक सेफ्टी बेरिकेडिंग भी की जाए। उन्होंने वेंडर से कहा कि नियत समय में काम को पूरा करें। बैठक में वेंडर ने बताया कि शुक्रवार रात से कॉरीडोर को हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। कॉरीडोर से निकाला गया सामान वाहनों से हटाया जाएगा, जिससे सड़क जाम के हालात नहीं बनेंगे।

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