रायपुर
अयोध्या का धार्मिक महत्व तो है ही साथ ही इसका ऐतिहासिक महत्व भी है। यहां कई प्राचीन मंदिर मंदिर है, जो अयोध्या की ऐतिहासिक विरासत को संजोए हुए है। अब इन राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की अंतरा शर्मा इन ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने का काम कर रही है। वे बीते तीन साल से इस कार्य में जुटी है और अब तक दशरथ महल, रंग महल, राम कचहरी, हनुमान गढ़ी जैसे प्रमुख स्थानों को न सिर्फ संरक्षित कर चुकी है, बल्कि वहां पर जन सुविधाएं बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया है।
ऐसे शुरू हुआ सफर
अंतरा शर्मा को धार्मिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के कार्य में काम करने का 14 वर्षों का अनुभव है। श्री राम जन्मभूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिंदू पक्ष में आने के बाद यूपी सरकार ने यहां के मठ मंदिर को संरक्षित करने पर जोर देते हुए टेंडर निकाले। यह टेंडर अंतरा शर्मा ने भी भरा और उन्हें उनके अनुभव के आधार पर उनका टेंडर सिलेक्ट को गया और उन्हें काम मिल गया। अंतरा अब तक नेपाल, श्रीनगर, लाल किला, कुतुब मीनार, जैसलमेर और मैसूर सहित मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण कर चुकी हैं।
106 मठ-मंदिरों की जिम्मेदारी
अंतरा को उत्तर प्रदेश सरकार ने 106 पुराने मठ-मंदिरों को संरक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इन मठ और मंदिरों को संरक्षण करने की लागत 65 करोड़ रुपये आई है। इसके साथ ही वे जीर्णोद्धार के प्रारंभिक सर्वे में भी जुटी हैं। जिसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी और बजट के लिहाज से ड्राइंग और डिजाइन तय की जाएगी।
इसके साथ ही अंतरा शर्मा हनुमान गढ़ी मंदिर के वीआईपी प्रवेश द्वार की चौड़ाई बढ़ाने का भी काम कर रही है। पहले इसकी चौड़ाई केवल 10 फीट थी, जिसके श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए बढ़ाकर 21 फीट कर दिया गया है।
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