अयोध्या
गणतंत्र दिवस पर शुक्रवार को 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने राम मंदिर में दर्शन किये. 22 जनवरी को भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह के एक दिन बाद मंगलवार से मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया. पहले दिन लगभग 5 लाख भक्तों ने मंदिर में दर्शन किए. प्रतिष्ठा समारोह के चौथे दिन लोग धैर्यपूर्वक राम लला के 'दर्शन' के लिए कतारों में खड़े रहे.
राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद और महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या का दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं का आकलन किया.
बयान में कहा गया कि पुलिस महानिरीक्षक, मंडलायुक्त, जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के साथ दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने राम मंदिर परिसर का दौरा किया. इसमें कहा गया है कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए भक्तों के साथ बातचीत भी की कि सुचारू 'दर्शन' के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं. बयान के अनुसार, अधिकारी शाम को राज्य की राजधानी लखनऊ लौट आए और मुख्यमंत्री को जानकारी दी.
बयान के मुताबिक, जब से मंदिर जनता के लिए खुला है, मुख्यमंत्री सक्रिय रूप से भक्तों के आवास, परिवहन और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि भक्तों को दर्शन में कोई असुविधा न हो. श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने 'आरती' और 'दर्शन' का कार्यक्रम शुरू किया है.
कितने बजे से कर सकेंगे दर्शन
विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा के मुताबिक, सुबह 4.30 बजे 'मंगला आरती' होगी और उसके बाद सुबह 6 बजे 'श्रृंगार आरती' या 'उत्थान आरती' होगी. सुबह 7 बजे से भक्त दर्शन कर सकेंगे. इसके बाद, दोपहर में 'भोग आरती', शाम 5.30 बजे 'संध्या आरती' और उसके बाद रात 9 बजे 'भोग आरती' और रात 10 बजे 'शयन आरती' आयोजित की जाएगी.
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