अब स्नातक में 45 फीसदी से कम अंक तो टीजीटी बायो-विज्ञान में भर्ती नहीं

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 प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) विज्ञान और जीव विज्ञान विषय के चयन की अर्हता में संशोधन कर दिया गया है। टीजीटी जीव विज्ञान के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम 45 प्रतिशत अंकों के साथ जन्तु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और रसायन विज्ञान के साथ स्नातक/स्नातकोत्तर तथा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त संस्था से बीएड, बीएएड, बीएससीएड या एमएड होना अनिवार्य है।

यूपी बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल की ओर से इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में संशोधन का आदेश जारी किया गया है। अब टीजीटी विज्ञान में मान्यता प्राप्त विवि से न्यूनतम 45 फीसदी अंकों के साथ भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय के साथ स्नातक या स्नातकोत्तर तथा बीएड, बीएएड, बीएससीएड या एमएड होना अनिवार्य है। संशोधन के बाद टीजीटी बायो में रसायन विज्ञान को भी शामिल कर लिया गया है। पहले टीजीटी बायो के लिए वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते थे जिन्होंने जन्तु या वनस्पति विज्ञान से स्नातक किया हो। इसी प्रकार टीजीटी विज्ञान की अर्हता में भी बदलाव किया गया है। अब गणित से स्नातक भी आवेदन कर सकेंगे।

हाईस्कूल में विषय नहीं, शिक्षकों की होगी भर्ती
यूपी बोर्ड ने टीजीटी बायो की अर्हता में संशोधन तो कर दिया है लेकिन हाईस्कूल स्तर पर यह विषय पढ़ाया ही नहीं जाता। यूपी बोर्ड ने वर्ष 2000 से पहले ही हाईस्कूल स्तर पर जीव विज्ञान को समाप्त कर दिया था। इसी के चलते उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 12 जुलाई 2018 को टीजीटी जीव विज्ञान 2016 की भर्ती निरस्त कर दी थी। तत्कालीन बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने अर्हता में संशोधन का प्रस्ताव भी भेजा था। लेकिन अर्हता में संशोधन नहीं हुआ और बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर चयन बोर्ड को टीजीटी जीव विज्ञान की परीक्षा करानी पड़ी थी। 

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