इंदौर
विश्व आद्रभूमि दिवस पर इंदौर में एक ऐसा कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसने दुनिया का ध्यान एक बार फिर भारत के सबसे स्वच्छ शहर की ओर आकर्षित किया। यह पहला मौका था जब विश्व आद्रभूमि दिवस पर इंदौर के सिरपुर तालाब पर कोई कार्यक्रम हुआ, जिसमें देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर के पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और विशेष अतिथि रामसर सचिवालय की महासचिव डा. मुसौदा मुंबा थीं। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि दुनिया के सभी देशों में से केवल भारत ही एक ऐसा देश है जिसे मां कहा जाता है। हमारी संस्कृति में हजारों वर्षों से प्रकृति को पूज्यनीय माना गया है, उसके प्रति श्रद्धा भाव है। समूची वसुधा हमारे लिए कुटुंब के समान है। तालाब में होने वाले प्रदूषण से केवल जल ही दूषित नहीं होता बल्कि पूरा परिसि्थति तंत्र भी खराब होता है। ऐसे में हमें इन्हें संरक्षित करने आवश्यकता है।
सभी विभागों को मिलकर करना होगा काम
इंदौर का सिरपुर तालाब और यशवंत सागर स्वच्छ हुआ तो कान्ह नदी की स्वच्छता को लेकर उम्मीद बढ़ी है। कान्ह नदी ही क्षिप्रा में मिलती है और इसलिए भी कान्ह नदी की स्वच्छता पर ध्यान देना होगा ताकि क्षिप्रा स्वच्छ रह सके। यदि नदी को स्वच्छ करना है तो यह कार्य अलग-अलग विभागों को साथ मिलकर तो करना ही होगा, लोगों में जनजागृति लाकर और लोगों को साथ लेकर भी आना होगा।
मैंने अपने जीवन में ऐसी खूबसूरत जगह नहीं देखी
डा. मुसौदा मुंबा ने अपने वक्तव्य की शुरुआत ‘नमस्ते। मैं बहुत खुश हूं इंदौर आकर’ कहकर की। उन्होंने कहा कि वे पहली बार इस शहर में आईं और यहां आकर बहुत अच्छा लगा। यशवंत सागर और सिरपुर तालाब के इतिहास के बारे में जाना तो पाया कि इसे यहां के शासकों ने बनाया था। मैंने अपने जीवन में इससे पहले ऐसी खूबसूरत जगह पहले कभी नहीं देखी।
पांच और तालाब रामसर साइड की सूची में शामिल
इंदौर को वेटलैंड सिटी घोषित करने की मांग पर उन्होंने कहा कि अभी इंतजार कीजिए। डा. मुंबा ने भारत के पांच और तालाबों को रामसर साइड की सूची में शामिल करने की घोषणा की। इस तरह अब 80 स्थान रामसर साइड की सूची में शामिल हो गए हैं। यह नई पांच आद्रभूमि में से तीन कर्नाटक और दो तमिलनाडु के हैं। इन स्थानों के रामसर साइड सूची में शामिल होने का प्रमाण पत्र राज्य आद्रभुमि प्राधिकरण तमिलनाडु के पीसीसीएफ दीपक श्रीवास्तव को प्रदान किया गया।
जल स्रोत को स्वच्छ व संरक्षित रखने की जिम्मेदारी सबकी
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर को अब वेटलैंड सिटी के रूप में भी घोषित करने के लिए हमने आवेदन दिया है। कुएं-तालाब आदि जल स्रोत को स्वच्छ व संरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है। जनभागीदारी से ही इसके संरक्षण का इंतजाम करना होगा। आयोजन में मंत्री तुलसीराम सिलावट, पर्यावरण व वन मंत्री नागर सिंह चौहान, पर्यावरण व वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला आदि उपसि्थत थे। आयोजन में देश के सभी 75 वेटलैंड साइड के प्रतिनिधि, प्राधिकरणों के अधिकारी सहित 200 से अधिक विशेषज्ञ तथा पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए।
पार्षद को गोद में उठाकर किया बाहर
मुख्यमंत्री यादव के वर्ल्ड वेटलैंड कार्यक्रम में पहुंचने पर पार्षद महेश चौधरी ने उनके पास जाकर फोटो लेने और बात करने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मी ने उन्हें ऐसा करते देखा तो रोकने के लिए उन्हें गोद में उठाकर बाहर कर दिया।
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