अबुधाबी
क्रिकेट में एक बार फिर भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग का भूत सामने आया है. यह मामला अबुधाबी टी10 लीग से सामने आया है. इस बार मैच फिक्सिंग करने की कोशिश का आरोप इंग्लैंड के क्लब क्रिकेटर रिजवान जावेद पर लगा है. इसको लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) कड़ी कार्रवाई की.
आईसीसी ने रिजवान पर साढ़े 17 साल का प्रतिबंध लगा दिया है. यह बैन इतना बड़ा है कि इस प्लेयर का करियर ही खत्म हो जाएगा. बता दें कि रिजवान जावेद पर 2021 में अबुधाबी टी10 लीग के दौरान मैच फिक्स करने के कई प्रयासों के आरोप लगे थे.
रिजवान अपने ऊपर लगे आरोपों पर जवाब नहीं दे सके
इस पर लगातार केस चलता रहा. मगर अब आईसीसी ने रिजवान को दोषी माना और साढ़े 17 साल के लिए सभी तरह के क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया गया. बताया गया कि रिजवान अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों का जवाब देने में असफल रहे थे.
इसके बाद आईसीसी ने कार्रवाई करते हुए ये प्रतिबंध लगाया गया, जो 19 सितंबर 2023 से शुरू होगा. एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने अबुधाबी टी10 लीग की शुरुआत 2017 में की थी. रिजवान उन 8 खिलाड़ियों और अधिकारियों में से एक हैं, जिन्हें ICC ने पिछले साल सितंबर में ECB की तरफ से आरोपित किया था.
इंग्लैंड के इस क्रिकेटर से ये अधिकार भी छिन गया
बांग्लादेश के ऑलराउंडर नासिर हुसैन भी इन आरोपित में शामिल थे और इस समय दो साल का प्रतिबंध झेल रहे हैं. रिजवान पर भ्रष्टाचार रोधी संहिता के विभिन्न अनुच्छेदों के तहत प्रतिबंध लगाया गया है, जिसमें अनुच्छेद 2.1.1 , अनुच्छेद 2.1.3, अनुच्छेद 2.4.4 और अनुच्छेद 2.4.6 शामिल हैं. रिजवान से सुनवाई का अधिकार भी छीन लिया गया.
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