भोपाल
मध्यप्रदेश में 3600 कंपोजिट शराब दुकानों के पंद्रह प्रतिशत ठेका मूल्य वृद्धि कर रिन्युअल और लाटरी के जरिए 32 जिलों में शराब दुकानों के समूहों के ठेके फाइनल हो गए है। जबकि शेष रह गए 22 जिलों में शराब दुकानों के समूहों के ठेके देने टेंडर 27 फरवरी से भरे जाएंगे। चार मार्च को टेंडर खोले जाएंगे और उनमें अपेक्षित राशि के प्रस्ताव आने पर उन्हें फाइनल कर दिया जाएगा। बाकी के लिए रिटेंडर भी करने की तैयारी है।
मध्यप्रदेश में पिछले साल शराब दुकानों से राज्य सरकार को 13 हजार 5 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस साल सरकार ने जो आबकारी पॉलिसी जारी की है उसमें पिछले वर्ष के ठेका मूल्य से पंद्रह प्रतिशत अधिक राशि देकर ठेकों का रिन्युअल किया जा सकता था। जहां रिन्युअल के लिए शराब समूह आगे नहीं आते है वहां कुल 75 प्रतिशत राजस्व मिलने की स्थिति में उन शराब दुकान समूहों के लिए लाटरी की प्रक्रिया की गई थी। शराब समूहों ने नवीनीकरण और लाटरी के माध्यम से 32 जिलों की दुकानों के लिए सहमति दे दी है।
यहां नहीं हुए ठेके
जिन जिलों में शराब दुकानों के ठेके नहीं हो पाए है उनमें दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, बालाघाट, कटनी, डिंडौरी, विदिशा, उज्जैन संभाग में उज्जैन, रतलाम, देवास, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, रीवा, सतना, उमरिया में शराब दुकानों के समूहों के ठेके नहीं हो पाए है। कुछ जिलों में आंशिक शराब समूहों की दुकानों के ठेके नहीं हो पाए है। यहां 27 फरवरी से टेंडर जारी किए जाएंगे।
32 जिलों में शराब दुकानों के समूहों के ठेके रिन्युअल और लाटरी में फाइनल हो गए है। शेष जिलों के लिए 27 फरवरी से टेंडर प्रकिया शुरु होगी।
अभिजीत अग्रवाल, आबकारी आयुक्त
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