क़तर की जेल में बंद भारतीय नौसेना के आठवें पूर्व अधिकारी की रिहाई जल्द ही

दुनिया

दोहा
 कतर की जेल में बंद आठ नेवी के पूर्व अधिकारियों की रिहाई को दो सप्ताह से ज्यादा हो चुके हैं। आठ में से सात लोग 12 फरवरी को भारत वापस आ चुके हैं। लेकिन यात्रा प्रतिबंधों का सामना कर रहे कमांडर पूर्णेंदु तिवारी की वापसी अभी तक नहीं हुई है। कमांडर तिवारी से जुड़ा एक और मामला अभी पेंडिंग है, जिसके खत्म होने का इंतजार है। इस कारण उन पर यात्रा प्रतिबंध लगा है। हालांकि 12 फरवरी को नजरबंदी से रिहाई की घोषणा के बाद उन्हें अपने घर जाने की इजाजत दी गई थी।

ऐसी रिपोर्ट्स आ रही है कि जल्द ही वह वापसी कर सकते हैं। वह इस सप्ताह या अगले सप्ताह की शुरुआत में वापस आ सकते हैं। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने एक खबर में सूत्रों के हवाले से कहा कि कमांडर तिवारी के आने की घोषणा पहले से नहीं की जाएगी। कमांडर तिवारी की मां 85 वर्ष की हैं जो अपने बेटे के भारत लौटने का इंतजार कर रही हैं। 30 अगस्त 2022 को कतर के आंतरिक मंत्रालय की ओर से आठ पूर्व नौसेनिकों को गिरफ्तार किया गया था।

कतर में सुनाई गई थी मौत की सजा

इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोपों में बाद में इन्हें मौत की सजा सुनाई गई। जिस कारण से भारत में कतर को लेकर एक नाराजगी देखी जा रही थी। बाद में कतर ने इनकी सजा को कम करते हुए जेल में बदल दिया। लेकिन डिप्लोमैटिक हस्तक्षेप के बाद आखिरकार इन सभी लोगों को रिहा कर दिया गया। उनकी गिरफ्तारी, सजा और इससे जुड़े विवरण साफ नहीं हैं। भारत ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कतर के अमीर की सराहना की थी।

पीएम मोदी को कहा था धन्यवाद

भारत लौटने के बाद इन नेवी अधिकारियों ने पीएम मोदी को धन्यवाद कहा था। नई दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद अधिकारियों ने भारत माता की जय के नारे लगाए थे। एक नेवी अधिकारी ने कहा कि पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बिना यह संभव नहीं था। इसके अलावा उन्होंने कतर के अमीर को भी धन्यवाद कहा था। वहीं एक अन्य अधिकारी ने कहा था कि पीएम मोदी के कारण ही आज वह मौत के मुंह से बाहर निकले हैं।

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