पश्चिमी विक्षोभ का असर दो हफ्तों में दिखाई देगा, जिसके असर से मध्य भारत में ओलावृष्टि देखने को मिलेगी

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नई दिल्ली
मार्च महीने की शुरुआत पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश के साथ हुई। मौसम विभाग ने पहले दो सप्ताह का अपडेट जारी किया है। IMD ने 13 मार्च तक मौसम का पूर्वानुमान बताया है। पश्चिमी विक्षोभ का असर दो हफ्तों में दिखाई देगा। जिसके असर से मध्य भारत में ओलावृष्टि देखने को मिलेगी। उत्तर पूर्वी भारत के प्रदेशों में तेज बारिश की संभावना है।

इन इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के दूसरे सप्ताह में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। इसके प्रभाव से पहाड़ों पर बरसात और बर्फबारी होगी। वहीं, उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में बारिश जारी रहेगी। आईएमडी ने अपने बुलेटिन में कहा, 'उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में बरसात की गतिविधियां जारी रहेंगी। महीने से पहले सप्ताह में मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि, बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा दक्षिण भारत के प्रदेशों में बारिश संभव है।'
 
आईएमडी का न्यूनतम तापमान का पूर्वानुमान
आईएमडी के अनुसार, महीन के पहले हफ्ते में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में भारी बरसात और ओलावृष्टि हो सकती है। मौसम विभाग की मानें तो मार्च में देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, हिमालय के साथ कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान के सामान्य से लेकर सामान्य से नीचे रहने की भविष्यवाणी की है।
 
मार्च के दूसरे हफ्ते में मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के दूसरे सप्ताह में पश्चिमी हिमालयी और दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्र में बारिश होगी। देश के बाकी इलाकों में सामान्य से कम बरसात होगी। वहीं, महाराष्ट्र और कर्नाटक में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री की वृद्धि हो सकती है। मार्च के पहले सप्ताह में दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और गुजरात में सामान्य से ज्यादा तापमान दर्ज किया जाएगा। वहीं, बाकी हिस्सों में तापमान सामान्य से कम रहेगा।

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