पोरसा
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मुक्तिधाम पोरसा में समूचे भारत में विराजमान भगवान भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन वर्ष 2025 तक मिलेंगे। सनातन धर्म की रीतिरिवाज को कायम रखने के लिए प्रतिपदा से लेकर पूर्णिमा एवं अमावस्या तक की सीढ़ियां बनाई जाएंगी तथा भास्कर भगवान की पहली किरण महाकाल के दर्शन करेगी। पोरसा मुक्तिधाम में 2023 से महाकाल लोक का निर्माण किया जा रहा है। जिसका काम 2025 तक पूरा होने की संभावना है।
पोरसा मुक्तिधाम में अब महाकाल लोक का निर्माण चल रहा है। निर्माण कार्य समाजसेवी और मुक्ति धाम के रचनाकार डाॅ. अनिल गुप्ता के मार्गदर्शन में 2023 में शुरू किया गया। डाॅ. अनिल गुप्ता ने बताया इस महाकाल लोक में 12 ज्योतिर्लिंग की स्थापना की जाएगी। विद्वान पंडितों के द्वारा विधि विधान से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगीं।
डॉ. अनिल ने बताया कि महाकाल लोक बनने के बाद इस मुक्तिधाम को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करेंगे। इससे पहले यह मुक्तिधाम हरियाली, औषधि उपवन तथा कलाकृतियों आदि के लिए ख्याति प्राप्त था। इसके कारण वर्ल्ड बुक आफ रिकार्ड में इसका नाम दर्ज हुआ।
डाॅ. अनिल गुप्ता ने कहा कि लोग हिंदू पंचांग को भूलते जा रहे हैं। भारतीय वर्ष और महीनों को भूल गए हैं। इसलिए महाकाल लोक में कृष्ण पक्ष की सीढ़ियों से प्रवेश किया जाएगा एवं शुक्ल शुक्ल पक्ष की गेट से बाहर निकासी होगी, जो सीढ़ियां हैं उनमें तिथियां अंकित की जाएंगी। प्रतिपदा, द्वितीय, तृतीय ,चतुर्थी, पंचमी, छठ, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, अमावस्या व पूर्णिमा अंकित की जाएगी। जिससे लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हो सके। सूर्य की पहली किरण भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करेगी। प्रतिदिन इसके लिए कांच के माध्यम से 100 फीट ऊंची गुंबद से सूर्य की किरणें नीचे उतरकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करेंगी।
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