पटना
Bihar Politics पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया है। पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव ने इसका एलान कर दिया है। पप्पू यादव अब आधिकारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। उनकी पार्टी के कार्यकर्ता भी अब कांग्रेस की सदस्यता लेंगे।
पप्पू यादव ने कांग्रेस के साथ दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पवन खेड़ा ने पप्पू यादव को कांग्रेस में शामिल कराया।इससे पहले, पप्पू यादव मंगलवार देर रात राजद सुप्रीमो लालू यादव और पार्टी नेता तेजस्वी यादव से मिलने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पहुंचे थे।
सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात सीट बंटवारे को लेकर थी। हालांकि अभी इस पर आधिकारिक बयान आना बाकी है। बता दें कि पप्पू यादव पूर्णिया में लगातार सभा कर रहे हैं और एनडीए पर हमला बोल रहे हैं।
पप्पू यादव ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज अभिभावक पितातुल्य आदरणीय लालू जी, माननीय नेता प्रतिपक्ष भाई तेजस्वी जी के साथ पारिवारिक माहौल में मुलाकात हुई। मिलकर बिहार में बीजेपी को जीरो पर आउट करने की रणनीति पर चर्चा हुई। बिहार में INDIA गठबंधन की मजबूती, सीमांचल, कोसी, मिथिलांचल में 100% सफलता लक्ष्य है।
पप्पू यादव के बारे में जानिए-
बिहार की राजनीति में राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की खास पहचान है। उनकी यह पहचान तब बनी जब वह 1990 में निर्दलीय विधायक बनकर बिहार विधानसभा पहुंचे। मधेपुरा के सिंहेश्वरस्थान विधानसभा की सीट से पहली बार विधायक बनने वाले पप्पू यादव ने बेहद कम समय में कोसी बेल्ट के कई जिलों में अपना प्रभाव बढ़ा लिया।
1991 से लेकर 2014 के बीच वे पांच बार सांसद रहे। लेकिन 2019 में मोदी लहर में वे अपनी सीट नहीं बचा सके।
पप्पू यादव (राजेश रंजन) पूर्णिया से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि पप्पू यादव इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार हो सकते हैं. वे लगातार लोगों से मुलाकात कर रहे हैं. लालू यादव से मीटिंग के बाद पप्पू यादव बुधवार की सुबह दिल्ली आ गए थे. उन्होंने दिल्ली आने के बाद कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात की.
पप्पू यादव ने मंगलवार को लालू यादव से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि अभिभावक पितातुल्य लालू यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ पारिवारिक माहौल में मुलाक़ात की. बिहार में बीजेपी को जीरो पर आउट करने की रणनीति पर चर्चा हुई. बिहार में INDIA गठबंधन की मज़बूती, सीमांचल, कोसी, मिथिलांचल में 100% सफलता लक्ष्य है.
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