नई दिल्ली
सड़कों पर इस तरह कहां- कहां और किस- किस तरह की दिक्कतें हैं इन्हें कैसे दूर किया जाए लोक निर्माण विभाग ऐसे सवालों के उत्तर के लिए अब ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद लेने जा रहा है। सर्वे के लिए प्रमुख चौराहे पर जीपीएस युक्त एक ऐसे वाहन को खड़ा किया जाएगा जिसमें एआई युक्त कैमरे लगे होंगे। सड़क की पूरी थ्रीडी मैपिंग होगी।
दिल्ली में AI की मदद से होगा रोड का सर्वे
बाहरी रिंग रोड के अहम हिस्से पंखा रोड की बात हो या नजफगढ़ मेन रोड की, पश्चिमी दिल्ली की इन दोनों प्रमुख सड़कों व इनसे जुड़ी तमाम सड़कों पर अनेक समस्याएं हैं। कहीं सड़क सड़क पर अतिक्रमण तो कहीं सड़क असमतल है। सड़कों पर इस तरह कहां- कहां और किस- किस तरह की दिक्कतें हैं, इन्हें कैसे दूर किया जाए, लोक निर्माण विभाग ऐसे सवालों के उत्तर के लिए अब ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद लेने जा रहा है। सर्वे से जो नतीजे मिलेंगे, उन नतीजों के आधार पर तमाम बाधाओं को दूर किया जाएगा। जहां जिस तरह के सुधार की गुंजाइश होगी, उसपर अमल किया जाएगा ताकि सड़कें यातायात की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित रहें। लोक निर्माण विभाग की पश्चिमी डिविजन ने इच्छुक निविदाकर्ताओं के लिए इस सर्वे के क्रियान्वयन के लिए टेंडर जारी किए हैं।
ऐसे होगा सर्वे
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र की जिन सड़कों पर सर्वे होगा, उन सड़कों के प्रमुख चौराहों, तिराहों या ऐसे क्षेत्र जहां यातायात का दवाब होता है, वहां जीपीएस युक्त एक ऐसे वाहन को खड़ा किया जाएगा, जिसमें एआई युक्त कैमरे लगे होंगे। ये कैमरे सड़क पर किस समय किस तरह के वाहनों का कितना दबाव रहता है, इसका पता लगाएगा। सड़क पर कहां-कहां दरारें हैं, कहां-कहां गड्ढे हैं, सड़क समतल हैं या उबड़ खाबड़ हैं, सड़क की ढाल किस ओर है और कितनी है। जलभराव की कितनी संभावना है। सड़क किनारे जो फुटपाथ हैं, उनकी क्या स्थिति है। कहां- कहां किस तरह का व्यवधान है, इसकी पूरी सटीकता से पता लगाएगी। इन कैमरों से वीडियो भी बनाई जाएगी। एक तरह से पूरी सड़क का डिजिटल मैप तैयार होगा। इस मैप में अलग अलग तरह के व्यवधानों के लिए अलग अलग रंगों का इस्तेमाल होगा, ताकि देखने को समझने में आसानी होगी। आसान भाषा में कहें तो सड़क की पूरी थ्रीडी मैपिंग होगी।
क्यों पड़ी जरूरत
आमतौर पर सड़क पर सर्वे का काम लोक निर्माण विभाग अपने कर्मियों या विभिन्न विभागों से मिली जानकारी के आधार पर करता है। इन सर्वे में सटीक जानकारी नहीं रहती है। सटीक जानकारी के अभाव में कई जरूरी कार्य प्रभावित होने लगते हैं। लेकिन एआइ बेस्ड सर्वे से सटीक जानकारी मिलेगी जिसके बाद समस्याओं का सटीक उपचार होगा।
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