पश्चिम बंगाल
तृणमूल कांग्रेस की नेता और पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से उम्मीदवार महुआ मोइत्रा एक बार फिर से केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने महुआ मोइत्रा को फेमा मामले में दिल्ली में पूछताछ के लिए 28 मार्च को बुलाया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है। तृणमूल नेता को इससे पहले भी केंद्रीय एजेंसी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। मोइत्रा को ‘रिश्वत लेकर सवाल पूछने’ के मामले में दिसंबर में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था।
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) उल्लंघन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए 49 वर्षीय टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा के साथ-साथ व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी को भी समन जारी किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को ही कैश-फॉर-क्वेरी मामले में उनके परिसर पर छापा मारा था। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा मोइत्रा के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल ने सीबीआई को जांच का निर्देश दिया था। उसके कुछ दिनों बाद ही केंद्रीय एजेंसी ने ये छापेमारी की थी।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि महुआ मोइत्रा ने दुबई स्थित व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से नकद और उपहार लेने के बदले में संसद में उद्योगपति गौतम अडानी और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य लोगों पर हमला करने के लिए सवाल पूछे थे। दुबे का आरोप था कि महुआ ने अडानी ग्रुप के खिलाफ सवाल पूछकर हीरानंदानी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की थी।
सूत्रों ने कहा कि कुछ ट्रांजैक्शन और फंड ट्रांसफर के अलावा अनिवासी बाहरी (एनआरई) खाते से जुड़े लेनदेन ईडी की जांच के दायरे में हैं। दूसरी तरफ, मोइत्रा ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और दावा किया है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने अडानी समूह के सौदों पर सवाल उठाए थे।
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