गुना
गुजरात के सूरत की रहने वाली 15 वर्षीय बालिका पिता की डांट से इतनी खफा हुई कि साबरमती ट्रेन में बैठकर चल दी। इस दौरान एक यात्री ने अकेली बालिका को देखा, जो असहज महसूस कर रही थी। गुना पहुंचने पर विशेष किशोर पुलिस इकाई को सूचना दी। इस पर तत्काल इकाई की टीम ने स्टेशन पहुंचकर बालिका को संरक्षण में लिया। साथ ही सूरत निवासी स्वजनों को सूचना देकर शुक्रवार को उनके सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के अनुसार गुजरात के सूरत से एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका पिता की डांट से नाराज होकर रात्रि में सूरत से साबरमती ट्रेन में बैठ गई। ट्रेन में अकेले व असहज हालत में देखकर ट्रेन के गुना पहुंचने से पहले एक यात्री द्वारा बच्ची के संबंध में विशेष किशोर पुलिस इकाई गुना को सूचना दी गई। इस पर इकाई की टीम ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर आरपीएफ के सहयोग से ट्रेन से बालिका को उतारकर अपने संरक्षण में लिया। इस दौरान बालिका डरी-सहमी थी, जो कुछ नहीं बोल पा रही थी। लेकिन दौरान कुछ समय बाद उसने अपने पिता के संबंध में जानकारी दी।
एसपी ने दी समझाईश
बच्ची के स्वजनों के संबंध में जानकारी मिलने पर ईकाई पुलिस द्वारा बालिका के स्वजनों को बालिका के गुना में पुलिस संरक्षण में सकुशल होने की सूचना दी गई। इसी क्रम में शुक्रवार को बालिका के पिता के गुना पहुंचने पर बालिका को बाल कल्याण समिति के माध्यम से पिता के सुपुर्द कराया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक संजीवकुमार सिन्हा द्वारा बच्ची के स्वजन को समझाइश भी दी गई कि आगे से बालिका का विशेष ध्यान रखें, ताकि इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो। क्योंकि, नाबालिग बालिका समय रहते पुलिस को नहीं मिलती या चूक हो जाती, तो अनहोनी भी हो सकती थी।
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