कृषि भूमि के फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचते थे जमीन, हनुमानगढ़ में चार आरोपी गिरफ्तार

राज्य

हनुमानगढ़.

हनुमानगढ़ की टिब्बी पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को भूमि का मालिक बताकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। टिब्बी पुलिस पकड़े गए आरोपियों से धोखाधड़ी करने संबंधी मामलों की पूछताछ में जुटी हुई है। आरोपी गरीब और जरूरतमंद लोगों की जमीन दिखाकर उसके बाद खुद ही भूमि के मालिक और गवाह बनकर पैसे हड़प लेते थे।

एसपी सांगवान ने अपील जारी करते हुए कहा कि ऐसे गिरोह से सावधान रहें और पुलिस के हेल्पलाइन नम्बर का उपयोग कर पुलिस को सूचना दें। टिब्बी पुलिस ने सूचना के आधार पर 4 लोगों को फर्जी लिखा पढ़ी करवाते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आदराम पुत्र सुखराम नायक निवासी बाहिया तहसील राणीया जिला सिरसा टिब्बी क्षेत्र में 5 बीघा जमीन खरीदने आया था। आदराम को सभी आरोपियों पर शक हुआ तो उसने टिब्बी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए सभी को मौके से ही 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया।

धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
टिब्बी पुलिस ने शांतिभंग में गिरफ्तार करने के बाद सभी से पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस के सामने खुलासे के बाद पीड़ित आदराम ने चारों के खिलाफ धोखाधड़ी करने सहित एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज करवाया। जिसके आधार पर पुलिस ने पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया। टिब्बी थानाप्रभारी जगदीश पाण्डर ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपियों की पहचान राजूसिंह (38) पुत्र अमरजीत सिंह रायसिख निवासी वार्ड नं 12 सुरेवाला पुलिस थाना टिब्बी, याकूब (30) पुत्र शौकत अली निवासी वार्ड नं 10 सुरेवाला पुलिस थाना टिब्बी, पप्पु खां (50) पुत्र यासीन खां मिरासी वार्ड नं 8 टिब्बी पुलिस थाना टिब्बी और जीतराम (59) पुत्र कुरडाराम मेघवाल निवासी दुढियांवाली पीएस राणियां जिला सिरसा के रूप में हुई है।

जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाने का गिरोह
टिब्बी थानाप्रभारी जगदीश पाण्डर ने बताया कि पकड़े गए चारों आरोपियों ने एक आपराधिक गिरोह बनाया है। जो कृषि भूमि के खरीददार की तलाश में रहते हैं। सभी गिरोह के सदस्य खरीददार मिलने पर कोई अनपढ़ या पिछड़े तबके के किसी भू मालिक की कृषि भूमि दिखाकर उसका सौदा कर लेते हैं। फिर उसके बाद मूल भू मालिक की जगह अपने गिरोह के किसी व्यक्ति को उस भूमि का मालिक बताकर फर्जी पहचानकर्ता और गवाह तैयार कर उनके फर्जी आधार कार्ड तैयार कर कृषि भूमि की विक्रय सम्बन्धी दस्तावेज तैयार करवा लेते हैं। उसके बाद धोखाधड़ी कर रुपए हड़प लेते हैं।

मुख्य दो सरगना की तलाश में जुटी पुलिस
टिब्बी थानाप्रभारी जगदीश पाण्डर ने बताया कि इस गिरोह में दो मुख्य सरगना हैं। जो फरार चल रहे हैं। पुलिस पूछताछ में इस गिरोह के मुख्य सरगना के रूप में मंगत सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह रायसिख निवासी नादर वाली ढाणी सुरेवाला पुलिस थाना टिब्बी और बलविन्द्र सिंह पुत्र जगराज सिंह जटसिख निवासी 3 जीजीआर पुलिस थाना टिब्बी का नाम सामने आया है। जो एक गिरोह बनाकर लोगों को फंसाने का कार्य करते हैं।

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