नई दिल्ली
भारत ने कहा है कि ऑनलाइन कट्टरपंथ वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है। साथ ही इस बात को रेखांकित किया कि अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद में अंतर नहीं किया जा सकता है। फ्रांस के ल्योन में नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के प्रमुखों के हाल ही में संपन्न 19वें इंटरपोल सम्मेलन में सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने सम्मेलन में संगठित अपराध, आतंकवाद और चरमपंथी विचारधाराओं के बीच साठगांठ से उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला। सूद ने कहा, ऑनलाइन कट्टरपंथ वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से सभी प्रकार के आतंकवाद की निंदा की और कहा कि अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद के बीच कोई अंतर नहीं किया जा सकता।
सीबीआई की ओर से जारी बयान के अनुसार, इंटरपोल सम्मेलन में 136 देशों के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो ने भाग लिया, जिसका प्रतिनिधित्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किया। प्रत्येक देश में नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB) इंटरपोल के साथ समन्वय के लिए जिम्मेदार नोडल संगठन है। भारत में सीबीआई को एनसीबी नामित किया गया है। इस सम्मेलन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए इंटरपोल और एनसीबी के बीच सहयोग को मजबूत करना रहा।
सीबीआई बयान के अनुसार, सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और ऑनलाइन कट्टरपंथ समेत विभिन्न अपराधों से निपटने के लिए इंटरपोल चैनलों पर समन्वय बढ़ाने के लिए कई देशों की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ चर्चा की।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

