भोपाल
प्रदेश की 9 संसदीय सीटों पर 11 मंत्रियों की साख दांव पर लगी है। मतदान बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाने वाले नौ मंत्रियों का जादू अपने ही विधानसभा क्षेत्र में नहीं चला।
6 माह पहले हुए विधानसभा चुनाव की तुलना में कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना की सुमावली सीट पर 19.4 प्रतिशत कम वोट डले। मंत्री विजय शाह की हरसूद में 12.76 और तीन बार के विधायक राकेश सिंह की मेहगांव विधानसभा में 10.66 फीसदी वोट कम पड़े। सिर्फ कृष्णा गौर की गोविंदपुरा सीट पर 9.68 फीसदी अधिक वोट पड़े हैं।अपनी विधानसभा में रिकॉर्ड बनाने वाले 10 मंत्रियों के ही विधानसभा क्षेत्रों में कम वोटिंग ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
कम वोटिंग वालों में कृषि मंत्री कंषाना टॉप पर हैं तो मंत्री विजय शाह दूसरे स्थान पर है। तीसरे नंबर पर मेहगांव से जीते राकेश शुक्ला हैं।
भाजपा शीर्ष नेतृत्व की गाइडलाइन के बाद सभी ने अपने क्षेत्र में वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के प्रयासों के दावे किए, लेकिन इछावर में मंत्री करण सिंह वर्मा, गौतम टेटवाल, नारायण सिंह पंवार, विश्वास सारंग, प्रद्युम्न सिंह तोमर और मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा अपनी विधानसभा में बंपर वोट कराने में बुरी तरह पिछड़ गए हैं।
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